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गुजरात पुलिस ने दी मोदी को राहत

Fri, 02 May 2014 06:18 PM IST
Updated Fri, 02 May 2014 06:18 PM IST
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modi speech outside restricted area: police

वोट डालने के बाद भाजपा का चुनाव चिह्न ‘कमल’ दिखाने और भाषण देने के बाद आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में फंसे नरेंद्र मोदी को राहत मिलती दिख रही है।

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गुजरात पुलिस ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट में पाया है कि मोदी ने 100 मीटर के प्रतिबंधित क्षेत्र से बाहर भाषण दिया था।

अहमदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मोदी के खिलाफ जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 (1)(ए) और आईपीसी की धारा 144 के उल्लंघन के मामले में सिर्फ एक एफआईआर दर्ज हुई है।
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उन्होंने कहा, ‘धारा 144 के आरोपों के तहत मोदी को मुकदमे का सामना नहीं करना होगा क्योंकि कोई भी यह साबित नहीं कर सकता कि मीडियाकर्मियों और आम लोगों को मोदी ने बुलाया था। मोदी ने किसी को एसएसएस या निमंत्रण भेजकर नहीं बुलाया था। उन्हें पूछताछ के लिए बुलाना भी जरूरी नहीं है।’

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'प्रतिबंधित क्षेत्र से बाहर थी मोदी की प्रेस कांफ्रेंस'

modi speech outside restricted area: police

अधिकारी ने बताया कि हमारी जांच लोगों से पूछताछ और वीडियो फुटेज के आधार पर आगे बढ़ेगी। हम मोदी को पूछताछ के लिए बुला भी सकते हैं और नहीं भी। जन प्रतिनिधित्व कानून के तहत आरोप साबित होने पर दो साल की सजा या जुर्माना तक हो सकता है।

नाम न छापने की शर्त पर अधिकारी ने बताया, ‘हमारी शुरुआती रिपोर्ट में पाया गया है कि प्रशासन ने बूथ के बाहर 100 मीटर की सफेद सीमा रेखा खींची थी और मोदी की प्रेस कांफ्रेंस इस सीमा से बाहर थी।’

चुनावी आदर्श आचार संहिता के मुताबिक पोलिंग स्टेशन के 100 मीटर के भीतर किसी भी तरह की सभा करना या बयान देना प्रतिबंधित है।

मोदी के खिलाफ सिर्फ एक एफआईआर दर्ज

modi speech outside restricted area: police

अधिकारी ने बताया, ‘मोदी के खिलाफ जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 (1)(ए) और आईपीसी की धारा 144 के उल्लंघन के मामले में सिर्फ एक एफआईआर दर्ज हुई है।'

अधिकारी के मुताबिक धारा 144 खास प्रयोजन के लिए चार लोगों को साथ जुटने से रोकता है। यह एक संज्ञेय अपराध है, जो पुलिस के न्यायिक क्षेत्र में आता है।

दूसरी शिकायत टीवी चैनलों के खिलाफ धारा 126 (1)(बी) के तहत आई है, लेकिन यह एफआईआर नहीं है। यह एक गैर संज्ञेय अपराध है, इसलिए हम आगे के आदेश के लिए कोर्ट जाएंगे।

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