'विकास कंधे पर हल से होगा, न कि कंधे पर गन से'
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छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में हो रही सभा में पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले स्कूली बच्चों से बात की और फिर लोगों को संबोधित किया। अपनी बात की शुरुआत में ही मोदी ने कहा कि उन्हें दंतेवाड़ा में आने का मौका मिला, इसके लिए उन्हें काफी खुशी है।
मोदी ने कहा कि हर व्यक्ति के लिए रोजगार बहुत ही जरूरी चीज है। जब किसी व्यक्ति के पास रोजगार होगा तभी कोई व्यक्ति घर बना सकता है और अपने बच्चे को शिक्षित कर सकता है। वे बोले कि यह सरकार की जिम्मेदार कि वह हर व्यक्ति तक विकास को पहुंचाए।
मोदी ने लौह अयस्क बाहर भेज कर वहां से स्टील मंगवाने को भी रोकने की बात कही और बोले कि हम लौह अयस्क से खुद स्टील बनाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी को भी निराश होने की जरूरत नहीं है। नक्सली गतिविधियों से लड़ने की बात भी मोदी ने कही।
छत्तीसगढ़ बन सकता है नंबर-1
मोदी ने अपने भाषण में रमन सिंह को धन्यवाद करते हुए कहा कि जिन हाथों में तलवारें और बंदूकें थीं, उन्हें रमन सरकार ने कम्प्यूटर और कलम दिए। मोदी ने सभी से हिंसा का रास्ता छोड़ने की अपील भी की।
मोदी बोले कि अगर छत्तीसगढ़ नक्सल की समस्या से मुक्त हो जाए तो यह राज्य देश में नंबर-1 हो जाएगा। उनका मानना है कि जो लोग नक्सल गतिविधियों में शामिल हैं उनमें भी मानवता है और वे जल्द ही बदल जाएंगे।
मोदी ने कहा कि कंधे पर हल से देश आगे बढ़ेगा, न कि कंधे पर गन से। मोदी का मानना है कि जब हिंसा के शिकार लोगों से नक्सली जाकर मिलेंगे तो उनका भी मन बदल जाएगा और वे नक्सलवाद का रास्ता छोड़ देंगे।