तोगड़िया के जहर बुझे बयान पर मोदी ने तोड़ी चुप्पी
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विश्व हिंदू परिषद के प्रमुख प्रवीण तोगड़िया और भाजपा के नेता गिरिराज सिंह के आपत्तिजनक बयानों पर नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल खड़े किए जा रहे थे।
एक तरफ कहा जा रहा था कि यह भाजपा की रणनीति का हिस्सा है, जिसमें तोगड़िया और गिरिराज इस तरह के बयान दे रहे हैं और दूसरी तरफ भगवा दल ध्रुवीकरण के जरिए इसका फायदा उठाएगी।
दूसरी ओर यह भी कहा गया कि इस तरह के बयानों से भाजपा को नुकसान होगा और अब तक विकास की बात करने वाले मोदी इन बातों पर अपनी चुप्पी क्यों नहीं तोड़ रहे। मंगलवार सवेरे भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी ने अपनी चुप्पी तोड़ दी।
आपत्तिजनक बयानों को खारिज किया
भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि 'भाजपा के शुभचिंतक' होने का दावा करने वाले लोगों की तरफ से आने वाले आपत्तिजनक बयानों को वो सही नहीं मानते।
उन्होंने तोगड़िया और गिरिराज का नाम तो नहीं लिया, लेकिन यह साफ था कि इशारा किस तरफ है। दोनों के विवादित बयानों ने चुनावों के बीच में भाजपा के लिए अजीबोगरीब स्थिति पैदा कर दी है।
सवेरे किए गए ट्वीट में मोदी ने लिखा, "मैं इस तरह के गैरजिम्मेदाराना बयानों को खारिज करता हूं और अपील करता हूं कि इस तरह के बयानों से बचा जाए। भाजपा के शुभचिंतक होने का दावा करने वाले लोगों की तरफ से इस तरह के बयान विकास और सुशासन के मुद्दे से ध्यान भटका रहे हैं।"
तोगड़िया ने गुजरात में दिया था बयान
नरेंद्र मोदी ने ट्वीट में किसी का नाम नहीं लिया है, लेकिन यह प्रवीण तोगड़िया के विवादित बयान पर उनकी तरफ से आई पहली टिप्पणी है। तोगड़िया ने उन मुस्लिमों को निशाना बनाया, जो हिंदू इलाकों में प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं। उन्होंने वीएचपी और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर गुजरात के भावनगर में मेघानी सर्कल के करीब मुस्लिम कारोबारी के खरीदे मकान के बाहर प्रदर्शन किया।
तोगड़िया ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि वो इस घर को अपने कब्जे में ले लें और उस पर बजरंग दल का तख्ता टांग लें। तोगड़िया ने कहा कि इस तरह के सौदों के रोकने के सिर्फ दो रास्ते हैं।
प्रवीण तोगड़िया के मुताबिक पहला यह कि भावगन में डिस्टर्ब एरियाज एक्ट लागू करने के लिए राज्य सरकार पर दबाव बढ़ाया जाए, जो अचल संपत्ति को लेकर दो समुदाय के बीच होने वाली सौदेबाजी को रोकता है।
तोगड़िया और मोदी के बीच रिश्ते बिगड़े
इस टिप्पणी से मोदी खफा बताए जाते हैं, जो 2001 से गुजरात की गद्दी संभाल रहे हैं। किसी वक्त तोगड़िया उनके करीबी हुआ करते थे, लेकिन इन दिनों ऐसा कुछ नहीं है।
1980 के दशक में एक बाइक पर सफर करने वाले मोदी और तोगड़िया के बीच रिश्ते उस वक्त बिगड़े, जब उन्होंने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। मोदी ने तब खुद को कट्टरपंथी हिंदू एजेंडा से खुद को अलग करना शुरू कर दिया और विकास को सामने रखा।
2008 में जब मोदी ने गांधीनगर में गैरकानूनी ढांचे तोड़ने शुरू किए, तो तोगड़िया और वो आमने-सामने आ गए। तोगड़िया के करीबी को गिरफ्तार किया गया था।
गिरिराज के बयान से भी दिक्कत
इसके अलावा बिहार के नवादा से चुनाव लड़ रहे गिरिराज सिंह ने कहा था जो मोदी का विरोध कर रहे हैं, उनकी जगह पाकिस्तान में है। इस बयान पर काफी बखेड़ा खड़ा हो गया था।
चौतरफा विरोध के बाद भाजपा बैकफुट पर आ गई, लेकिन गिरिराज ने कहा कि वो अपने बयान पर कायम है और उस पर माफी मांगने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
इस बीच उमा भारती भी बयानों से संकट खड़ा कर रही हैं। मोदी ने कहा था कि वो बदले की राजनीति नहीं करेंगे, लेकिन उमा भारती ने फिर दोहराया कि सत्ता में आए, तो वो रॉबर्ट वाड्रा को जेल जरूर भिजवाएंगी।