गांवों को रौशन करने का रास्ता ढूंढ रहा हूं: मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी के विज्ञान भवन में आयोजित रि-इन्वेस्टमेंट 2015, अक्षय ऊर्जा वैश्विक निवेशक सम्मेलन और प्रदर्शनी में अंधेरे में डूबे हुए गांवों को रौशन करने के रास्ते खोजने की बात कही।
मोदी ने कहा, "हम प्रकृति से प्रेम करने वाले लोग हैं। हम ही तो हैं जो नदी को मां मानते हैं और यह हमारे स्वभाव में है। अगर दुनिया में कोई ऐसा देश है जिसने विश्व में ग्लोबल वार्मिंग से मानवता की रक्षा का मार्ग दिखा सकता है तो वो भारत है।"
मोदी ने कहा, "देश का गरीब चाहता है कि उसका बच्चा भी पढ़े-लिखे, लेकिन परीक्षा के दौरान वह रात में नहीं पढ़ पाता है। देश के लाखों परिवार अब भी ऊर्जा से वंचित हैं और इसलिए हमें उच्चतम स्तर पर अपने सभी संसाधनों का इस्तेमाल करना चाहिए।"
मोदी ने कहा बिजली बचाना वक्त की जरूरत
प्रधानमंत्री ने कहा कि बिजली बचाना इस वक्त देश की जरूरत है क्योंकि जो बिजली हम बचाएंगे उसे हम अपनी भावी पीढ़ी के लिए सुरक्षित रख पाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारी जीवनशैली इस हद तक बदल चुकी है कि हम अपने संसाधनों के उपयोग को भावी पीढ़ी के साथ साझा कर रहे हैं।
मोदी ने कहा कि अक्षय ऊर्जा का उपयोग करने वाले क्षेत्र को मुझपर विश्वास है। उन्होंने कहा कि विश्व में अलग अलग तरीकों में जलवायु परिवर्तन के मुद्दे का समाधान करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन हमने कभी भी अपने जीवन के स्तर को नीचा नहीं होने दिया।
उन्होंने आगे कहा कि हमने जब भी ऊर्जा की बात कही है हमने मेगा-वॉट का जिक्र किया है लेकिन अब हम पहली बार गीगा-वॉट की बात कर रहे हैं। वहीं देश में चल रहे अनुसंधानों पर बोलते हुए मोदी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि आने वाले दिनों में वो सौर ऊर्जा को आर्थिक रुप से व्यवहारिक स्थिति में लाने में सक्षम होंगे।