मोदी ने बताया, सत्ता में आने के बाद रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ क्या करेंगे?
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रॉबर्ट वाड्रा पर भाजपा के तीखे हमलों के बीच नरेंद्र मोदी ने कहा है कि वह बदले की राजनीति में विश्वास नहीं करते लेकिन चाहेंगे कि इस मामले में कानून अपना काम करे।
भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी से पूछा गया था कि सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ लग रहे आरोपों पर क्या रुख अख्तियार करेगी?
इस पर उन्होंने कहा कि वह बदले और किसी के पीछे पड़ने की राजनीति में विश्वास नहीं करते क्योंकि वह खुद पिछले दस साल से इसके शिकार रहे हैं। लेकिन इस बात का भी ख्याल रखा जाए कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। इसलिए अगर किसी ने कुछ गलत किया है तो कानून उसके खिलाफ अपने हिसाब से कदम उठाए। लेकिन यह कार्रवाई कानूनी तरीके से होनी चाहिए। ऐसे कदमों को राजनीतिक नफे-नुकसान से प्रेरित नहीं होना चाहिए।
प्रियंका के बयान का दिया जवाब
पीटीआई को दिए इंटरव्यू में मोदी ने प्रियंका के उस बयान का जवाब भी दिया कि जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके परिवार को अपमानित किया जा रहा है। मोदी ने कहा, बेटी की ओर से मां का बचाव करना स्वाभाविक है। एक बहन अपने भाई का बचाव करना ही चाहेगी। इसमें मुझे कोई दिक्कत नहीं है।
उनसे पूछा गया कि असली मोदी कौन हैं? एक मजबूत इच्छाशक्ति वाला और निर्णायक शख्स या फिर विभाजनकारी और अधिनायकवादी?
इस पर उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उनके करीब रहकर काम किया है उनका मानना है कि वह दृढ़ निश्चयी और निर्णायक हैं। कुछ लोग उनके व्यक्तित्व के आधार पर उनका आकलन करते हैं। ऐसे लोगों को आज तक मेरे खिलाफ भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और अक्षमता का कोई आरोप नहीं मिला है।
'अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही कांग्रेस'
मोदी ने पक्का भरोसा जताया कि एनडीए और चुनाव पूर्व गठबंधन सहयोगी मिलकर बहुमत हासिल कर लेंगे। उनसे पूछा गया कि क्या ममता बनर्जी, जयललिता और मायावती के समर्थन की जरूरत पड़ेगी? तीनों उनकी आलोचना में जुटी हैं।
इस पर उन्होंने कहा कि एनडीए के बहुमत का पूरा भरोसा है। हालांकि वह देश चलाने के लिए हर किसी से समर्थन और सहयोग लेना चाहेंगे।
उन्होंने कांग्रेस पर धर्मनिरपेक्षता के बंकर में छिपने का आरोप लगाया और कहा कि वह अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। उसके लिए पूरे देश में 100 सीटें भी हासिल करना मुश्किल होगा।