मोदी के जयापुर गांव का छुपा हुआ सच, आप भी जानिए

Harendra Singh Moral Updated Fri, 03 Apr 2015 03:05 PM IST
Modi's favorite village youth, said,
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गोद लिए गांव जयापुर का एक बड़ा वर्ग गांव में हो रहे बदलाव से खुश नहीं है। उन्हें लगता है कि एलईडी बल्ब मिल जाने, सोलर लाइट लग जाने और टॉयलेट बन जाने से उनकी जिंदगी में कोई बड़ा बदलाव नहीं आने वाला।
उन्हें रोजगार चाहिए। वहीं जयापुर से सटे गांवों में अब यह सोच घर करती जा रही है कि जयापुर उस दिन आदर्श गांव कहलाएगा जब उसके आसपास के गांव भी उसकी तरह ही विकसित और खुशहाल होंगे।

गांव की दलित बस्ती के अनिल इंटरमीडिएट के छात्र हैं। विज्ञान के इस छात्र ने कहा कि जब मोदी जी ने इस गांव को गोद लिया तो हम सबको उम्मीद थी कि गांव में कल-कारखाने लगेंगे, ढेर सारे लोगों को रोजगार मिलेगा।
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टायलेट पार्क से नहीं दूर होगी हमारी गरीबी

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