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मोदी के भाई ने मोदी सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

Tue, 03 Mar 2015 12:00 PM IST
Updated Tue, 03 Mar 2015 12:00 PM IST
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Modi’s brother leads protest against PDS policy.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कभी ये नहीं सोचा होगा कि उनकी सरकार के लिए एक फैसले का विरोध उनके अपने भाई ही कर देंगे। लेकिन ऐसा हुआ है।

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पीएम मोदी के छोटे भाई प्रह्लाद मोदी ने मुंबई के आजाद मैदान में प्रदर्शन किया। पीडीएस के मुद्दे पर केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ मोदी के भाई सड़क पर उतरे।
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प्रह्लाद मोदी, ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने न केवल केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ आवाज उठाई बल्कि अपने भाषण में सरकार पर जमकर निशाना भी साधा।
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उन्होंने कहा कि पीडीएस नीति का फायदा गरीबों तक नहीं पहुंच रहा है। साथ ही इस मुद्दे पर संस्था ने दिल्ली के जंतर-मंतर और रामलीला मैदान में भी आवाज बुलंद करने की योजना बनाई है।

पीडीएस सिस्टम के खिलाफ खोला मोर्चा

Modi’s brother leads protest against PDS policy.

पीडीएस सिस्टम में अनाज और केरोसिन की आपूर्ति ठीक से नहीं होने और गरीबों तक इसका फायदा नहीं पहुंचने के खिलाफ ही संस्था ने आजाद मैदान में प्रदर्शन किया।

इस मुद्दे पर प्रह्लाद मोदी ने कहा कि हां, मैं नरेंद्र मोदी का भाई हूं। लेकिन मैं इस संगठन से तब से जुडा़ हुआ हूं जब मोदी प्रधानमंत्री नहीं बने थे। मेरा प्रदर्शन मेरे भाई या प्रधानमंत्री के खिलाफ नहीं है। मैं केवल नीतियों और जरूरतमंदों की आवाज को बुलंद कर रहा हूं।

दूसरी ओर संस्था के अध्यक्ष पुष्पराज देशमुख (काका) ने बताया कि उनकी संस्था 17 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान और जंतर-मंतर पर विशाल प्रदर्शन करेगी। जिसमें इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया जाएगा।

क्या करेगी मोदी सरकार?

Modi’s brother leads protest against PDS policy.

ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पराज देशमुख ने बताया कि इस प्रदर्शन के पीछे अहम वजह स्टॉक की आपूर्ति का है।

फूड सिक्योरिटी एक्ट के लागू होने के बाद से अनाज और केरोसिन की आपूर्ति पर बुरा असर पड़ा है। करीब 30 फीसदी का अंतर देखने को मिला है। साथ ही केरोसिन के दाम में भी अंतर आया है और इसके दाम बढ़ाकर वसूले जा रहे हैं।

प्रदर्शन के दौरान उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से अपील की है कि वो प्रदेश की 1.77 करोड़ की आबादी के लिए जरूरी सब्सिडी की आपूर्ति की जाए। ये ऐसे लोग जो गरीबी रेखा के ऊपर हैं। उन्हें भी इस सब्सिडी का फायदा मिल सके।

साथ ही संस्था ने यूपीए सरकार की नीतियों के खिलाफ भी नाराजगी जताई और मोदी सरकार के इस पर सर्वेक्षण के बाद फैसला लेने की अपील की है।

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