फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   modi's big plan on his first government expansion.

नए चेहरों के सहारे बड़े सुधार की तैयारी में पीएम मोदी

Tue, 11 Nov 2014 08:10 AM IST
Updated Tue, 11 Nov 2014 08:10 AM IST
विज्ञापन
modi's big plan on his first government expansion.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रिमंडल विस्तार में सुरेश प्रभु, मनोहर परिकर और जयंत सिन्हा जैसे सुधारवादी छवि के नेताओं को शामिल कर स्पष्ट कर दिया है कि सरकार आने वाले समय में बड़े आर्थिक सुधारों की ओर कदम बढ़ाएगी।

विज्ञापन


प्रभु को रेलवे, परिकर को रक्षा और सिन्हा को वित्त राज्य मंत्री बनाया गया है, जो आर्थिक सुधार को रफ्तार देने वाले अहम मंत्रालय हैं।

अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में बिजली मंत्री के रूप में अपने काम से सराहना बटोरने वाले प्रभु पीएम मोदी को भी कई आर्थिक मुद्दों पर सलाह देते रहे हैं। उनको रेल मंत्री बनाकर मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि रेलवे में सब कुछ पहले जैसा नहीं चलेगा।
विज्ञापन


भारतीय रेल को नई दिशा देने में निजी क्षेत्र को शामिल करने के प्रबल समर्थक प्रभु के आने के बाद रेलवे के कामकाज और गति में बड़ा बदलाव देखा जा सकेगा। दूसरी ओर आईआईटी बॉम्बे के पूर्व छात्र और प्रबंधन के माहिर माने जाने वाले परिकर के सामने सेना के आधुनिकीकरण की चुनौती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सरकार पर है सुधार का दबाव

modi's big plan on his first government expansion.

सेना पुरानी पड़ चुकी तकनीक और हथियारों के अलावा गोले बारूद की कमी से जूझ रही है। परिकर की चुनौती सेना में विश्वास पैदा करने के साथ आधुनिकीकरण और अधिग्रहण की योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाना है।

परिकर की तरह आईआईटी और हार्वर्ड से पढ़े जयंत सिन्हा के पास कारपोरेट क्षेत्र का लंबा अनुभव है। आगामी बजट के निर्माण में उनकी भूमिका अहम हो सकती है।

माना जाता है कि पूर्व की एनडीए सरकार में आयकर रिटर्न भरने के लिए सरल फॉर्म की शुरुआत करने के पीछे सिन्हा की अहम भूमिका थी। बड़े सुधारों की वकालत करने वाले सिन्हा जमीन अधिग्रहण नीति और पुराने पड़ चुके श्रम कानूनों में बदलाव की वकालत करते रहे हैं।

पांच माह पूर्व मोदी के कामकाज संभालने के वक्त की तुलना में आज अर्थव्यवस्था की स्थिति बेहतर है, लेकिन जानकारों का मानना है कि निवेश के मोर्चे पर स्थिति में सुधार की शुरुआत अभी तक नहीं हुई है।

विकास दर बढ़ाने के लिए भी बड़े बदलाव करने का दबाव बन रहा है। यही वजह है कि मोदी ने कुछ टेक्नोक्रेटों, आर्थिक विषय के जानकारों और विशेषज्ञों को टीम में शामिल किया है।

चुनौती और जवाब

modi's big plan on his first government expansion.

रक्षा सौदों में पारदर्शिता
अक्तूबर के अंत तक सरकार करीब 80 हजार करोड़ रुपये के रक्षा सौदों को मंजूरी दे चुकी है, लेकिन अभी कई ऐसी रक्षा परियोजनाएं हैं जिनपर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। चीन से लेकर इस्राइल तक अपने उत्पाद भारत को बेचने के लिए दबाव बना रहे हैं। ऐसे में सौदों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना परिकर की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।

पारदर्शी होंगे रक्षा सौदे : परिकर
मनोहर परिकर ने कहा है कि उनके नेतृत्व में रक्षा खरीद सौदे पारदर्शी और तेज होंगे। पीएम मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ नारे को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि देश में ही अधिक से अधिक उत्पादन किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय में जो भी होगा वो पारदर्शी और तेज होगा, क्योंकि यही मेरी खासियत है।

रेलवे की हालत खस्ता
अगले चार माह में नए विचारों वाले विकास केंद्रित रेल बजट तैयार करना चुनौती है। रेलवे निवेश की कमी और लोक लुभावनी नीतियों के कारण संकट में है। नई परियोजनाओं के लिए धन की कमी है। यात्रियों की सुरक्षा और उनको मिलने वाली सेवाओं का स्थिति भी बेहद खराब है।

सुरक्षा और बेहतर सेवा प्राथमिकता: सुरेश प्रभु
सुरेश प्रभु ने कहा है कि उनकी प्राथमिकता रेल सुरक्षा और बेहतर सेवा देना है। रेलवे के पास क्षमता के बावजूद अब तक उसका पूरा इस्तेमाल नहीं किया गया। अर्थव्यवस्था रेलवे पर निर्भर करती है और रेलवे को बेहतर बनाने से आर्थिक विकास दर में वृद्धि होगी।

विकास दर बढ़ाना चुनौती
वित्त वर्ष 2013-14 के दौरान अर्थव्यवस्था की विकास दर गिर कर 4.7 फीसदी तक आ गई थी और चालू वर्ष के दौरान इसके 5.4 से 5.9 फीसदी के बीच रहने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। विकास दर बढ़ाना सबसे बड़ी चुनौती है।

अगले वित्त वर्ष में 6 फीसदी होगी विकास दर
जयंत सिन्हा ने कहा है कि वर्ष 2015-16 के दौरान छह फीसदी की विकास दर आराम से हासिल हो जाएगी। ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं जिससे विकास दर उसके बाद के वर्षों में बढ़कर सात-आठ फीसदी तक पहुंच जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed