फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Modi's ambitious plan to stray from the target

रिकॉर्ड बनाकर लक्ष्य से भटकी मोदी की महत्वाकांक्षी योजना

Fri, 20 Mar 2015 09:04 AM IST
Updated Fri, 20 Mar 2015 09:04 AM IST
विज्ञापन
Modi's ambitious plan to stray from the target

बड़े जोर-शोर से शुरू की गई प्रधानमंत्री जन धन योजना लक्ष्य से भटकती दिख रही है। इस योजना के तहत खाता खोलने में तो तमाम नियमों को शिथिल कर दिया गया था लेकिन अब इसमें ऐसे नियम थोपे गए हैं कि अधिकतर खाताधारक बीमा कवरेज से बाहर हो रहे हैं।

विज्ञापन


सच्चाई यह है कि उन्हें सही-सही जानकारी ही नहीं है कि इस योजना में बीमा कवरेज का फायदा उठाने के लिए क्या-क्या करना चाहिए। जन धन योजना के तहत खोले गए खाते में सबसे बड़ा आकर्षण नि:शुल्क बीमा कवरेज है। इसके अलावा कुछ विशेषताएं हैं, जैसे- जीरो बैलेंस, नि:शुल्क एटीएम कार्ड, ओवरड्राफ्ट आदि।
विज्ञापन


केंद्रीय वित्त मंत्रालय के एक आधिकारिक सूत्र के मुताबिक योजना के बारे में अभी तक जो फीडबैक मिला है, उससे लगता है किलोगों को सही जानकारी ही नहीं है। इसी वजह से ग्राहक अपने एटीएम कार्ड को निर्धारित अवधि में एक्टिवेट नहीं करा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


उनका कहना है कि बैकों को इस बारे में लोगों को जागरूक करना चाहिए कि ऐसा करें नहीं तो बीमा कवरेज नहीं मिलेगा। गौरतलब है कि इस योजना के खाताधारकों को 30 हजार रुपये का जीवन बीमा और एक लाख रुपये का दुर्घटना बीमा नि:शुल्क उपलब्ध कराया गया है।

नियम ऐसे कि लोगों को नहीं मिल पा रही बीमा सुविधा

Modi's ambitious plan to stray from the target

उन्होंने बताया कि बीमा कवरेज प्राप्त करने के लिए खाताधारकों को मिला एटीएम कार्ड का उपयोग निरंतर उपयोग जरूरी है। इसके जारी होने के 45 दिनों के अंदर एक्टिवेटशन जरूरी है। यदि ग्राहक ऐसा नहीं करते हैं तो कार्ड इनवेलिड हो जाएगा। उसे फिर से वैलिड कराना होगा।

जिन ग्राहकों का कार्ड एक्टिवेट हो गया है, उन्हें भी हर 45 दिन में कम से कम एक बार एटीएम का उपयोग करना होगा। यदि ऐसा नहीं होता है तो बीमा कवरेज नहीं मिलेगा।

एक प्रमुख सरकारी बैंक के दिल्ली जोन में पदस्थापित एक अधिकारी के मुताबिक अधिकतर लोग एटीएम कार्ड लेकर एक्टिवेट कराना भूल जाते हैं। अपने जोन का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि जितने लोगों को कार्ड उपलब्ध कराया गया है, उनमें से महज 15 फीसदी लोगों ने ही इसे एक्टिवेट कराया है।

यही नहीं 45 दिन में कम से कम एक बार उपयोग की अनिवार्यता का भी अधिकतर लोग पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसी हालत में किसी खाताधारक की मौत हो जाती है तो उनका क्लेम रिजेक्ट हो जा रहा है।

क्या है मुश्किल

Modi's ambitious plan to stray from the target

उन्होंने बताया कि किसी की मौत होने पर उनके परिजन क्लेम तो बैंक में करते हैं लेकिन उसका निस्तारण नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन में होता है। निस्तारण के वक्त देखा जाता है कि एटीएम कार्ड एक्टिव हुआ या नहीं और इसका नियमित उपयोग हुआ या नहीं।

क्लेम यदि रिजेक्ट हुआ तो सूचना बैंक में भेज दी जाती है। लोगों को तो पता नहीं है कि क्लेम किसने रिजेक्ट किया और वे बैंककर्मियों को भला-बुरा कहने लगते हैं।

बीमा कवरेज प्राप्त करने के लिए खाताधारकों को मिले एटीएम कार्ड का उपयोग निरंतर उपयोग जरूरी है। इसके जारी होने के 45 दिनों के अंदर एक्टिवेटशन जरूरी है। यदि ग्राहक ऐसा नहीं करते हैं तो कार्ड इनवेलिड हो जाएगा। उसे फिर से वैलिड कराना होगा।

जिन ग्राहकों का कार्ड एक्टिवेट हो गया है, उन्हें भी हर 45 दिन में कम से कम एक बार एटीएम ट्रांजेक्शन करना जरूरी होगा। यदि ऐसा नहीं होता है तो बीमा कवरेज नहीं मिलेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed