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148 स्थानों पर एक साथ ‘प्रकट’ होंगे मोदी, जानिए कैसे?

Fri, 25 Apr 2014 07:14 PM IST
Updated Fri, 25 Apr 2014 07:14 PM IST
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modi's 3d rallies at 148 places in country

मौजूदा चुनावी महासमर में प्रचार के अनूठे साधनों के बीच नरेंद्र मोदी की 3डी रैलियां भी खूब लोकप्रियता बटोर रही हैं। यह ऐसी अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी है, जिसका लोकसभा चुनाव में पहली बार इस्तेमाल हो रहा है।

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इसके तहत परदे पर मोदी ‘प्रकट’ होते हैं और भाषण देने लग जाते हैं। सामने बैठे लोगों को लगता है कि मोदी वहां साक्षात मौजूद हैं, जबकि हकीकत में यह उनकी 3डी इमेज होती है।
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मोदी देशभर में इसके जरिए 525 स्थानों पर संवाद कर चुके हैं। अब 26 अप्रैल को वह हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड समेत चुनाव की प्रतीक्षा कर रहे संसदीय क्षेत्रों के तहत 148 स्थानों पर मोदी को एक साथ बोलते दिखेंगे।

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गुजरात विधानसभा में सफल रहीं 3डी रैलियां

modi's 3d rallies at 148 places in country

3डी सभाएं उत्तराखंड में रामनगर, पौड़ी, टिहरी, चंपावत और लक्सर में हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश में हमीरपुर, रामपुर, कुल्लू व पौंडा में हैं।

भाजपा ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं तक मोदी की मौजूदगी का अहसास कराने के मकसद से इस प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर रही है।

पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी कहते हैं कि चुनाव में मोदी की रैलियों कराने की मांग इतनी ज्यादा रही है कि उसे पूरा कर पाना आसान नहीं था। इसलिए उनकी 3डी होलोग्राम सभाओं की योजना बनाई गई। गुजरात विधानसभा चुनाव में इसका सफल प्रयोग हो चुका है।

अहमदाबाद और दिल्ली में बने हैं स्टूडियो

modi's 3d rallies at 148 places in country

इस कार्यक्रम के समन्वयक प्रदीप खुल्लर कहते हैं कि इसके लिए अहमदाबाद और दिल्ली में दो स्टूडियो बने हैं। मोदी अहमदाबाद वाले स्टूडियो से बोलते हैं जबकि दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में बने स्टूडियो से पूरे कार्यक्रम पर नजर रखी जाती है।

जहां यह सभा करनी होती है, वहां मात्र एक ट्रक में सभी जरूरी उपकरण पहुंचाए जा सकते हैं। बस एक परदे पर सब कुछ हो जाता है। सभी कुछ सेटेलाइट की मदद से होता है। क्षेत्र में बिजली न हो तो जनरेटर से काम चल जाता है।

क्या है 3डी होलोग्राम

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इसमें परदे पर थ्री डाइमेंशन पिक्चर दिखती है। भाजपा नेता इंजीनियर अरुण जैन कहते हैं कि इसमें थ्री डी बॉडी को डिजिटलाइज्ड कर उसका ट्रांशमिशन किया जाता है।

इसमें शर्त यह है कि फोटो और आवाज एक ही फ्रीक्वेंसी से जानी चाहिए। दुनिया में सबसे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति की एक कमरे से दूसरे कमरे में 3डी इमेज दिखाई गई थी। फिर एक गायक ने अपना कार्यक्रम एक साथ कई जगह दिखाने के लिए इसका उपयोग किया।

इसके बाद गुजरात विधानसभा चुनाव में 18 नवंबर, 2012 को मोदी ने पहली बार 3डी होलोग्राम सभा की। यह कार्यक्रम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल हो चुका है।

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