फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   modi ready to open options of taking support of mamta and mayawati

नरेंद्र मोदी को दिखने लगी हार, खुद ही दे बैठे सबूत!

Fri, 09 May 2014 12:49 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 09 May 2014 12:49 PM IST
विज्ञापन
modi ready to open options of taking support of mamta and mayawati

भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी चुनावी रैलियों में भले भाजपानीत एनडीए के पूर्ण बहुमत तक पहुंचने का दावा कर रहे हों, लेकिन हकीकत यह है कि चुनावी राजनीति में सारा खेल आंकड़ों का है।

विज्ञापन


मोदी को भी शायद इस बात का इल्म हो गया कि 16 मई के बाद शायद वो नतीजे हाथ में नहीं आएंगे, जिसकी उम्मीद वो कर रहे हैं। दरअसल, भाजपा के लिए 272 का जादुई आंकड़ा छूना आसान कतई नहीं है।
विज्ञापन


यही वजह है कि वो अब चुनाव बाद गठबंधन की संभावनाएं खंगालने को लेकर खुला रुख दिखा रहे हैं। मोदी ने एक इंटरव्यू में इस बात के संकेत दिए हैं कि चुनाव प्रचार में वो जिन पर हमला बोल रहे हैं, नतीजों के बाद उनसे भी हाथ मिलाया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ममता, जयललिता पर डाले डोरे

modi ready to open options of taking support of mamta and mayawati

टाइम्स नाउ को दिए इंटरव्यू में नरेंद्र मोदी ने यूं तो कई मुद्दों पर जवाब दिए, लेकिन जिस बात पर सबसे ज्यादा निगाह गई, वो उन राजनीतिक दलों से हाथ मिलाने को लेकर है, जो फिलहाल मोदी के कट्टर दुश्मन बने हुए हैं।

बसपा प्रमुख मायावती, टीएमसी नेता ममता बनर्जी और एआईडीएमके सुप्रीमो जे जयललिता पर हमला करने और उनके हमले सहने से बेपरवाह भाजपा के पीएम पद के दावेदार ने ऐसा ही कुछ इशारा किया है।

उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान तल्‍ख आलोचना का यह मतलब कतई नहीं है कि इन राजनीतिक दलों के साथ चुनावों के बाद कोई गठबंधन नहीं किया जा सकता है।

'हमलों का मतलब विकल्प बंद नहीं'

modi ready to open options of taking support of mamta and mayawati

जब नरेंद्र मोदी से पूछा गया कि क्या चुनाव प्रचार के दौरान एक-दूसरे पर हमले बोलने का यह मतलब नहीं है कि चुनावों के बाद इन दलों से हाथ मिलाने की संभावना खत्‍म हो जाती है, उन्होंने कहा, "यह दरवाजा खुले रखने की रणनीति भी तो हो सकती है।"

जब इस बारे में और कुरेदा गया, तो उन्होंने आगे कहा, "मुझे जो भी स्पष्टीकरण देना था, मैं दे चुका हूं। यह विकल्प खुले रखने की रणनीति का भी हिस्सा हो सकता है।"

और पूछने पर उन्होंने मामला दबाने की कोशिश की। मोदी ने कहा, "अब इस बारे में और कुछ कहने के लिए बाकी नहीं रह गया है। जो कहना है, वो 12 मई के बाद बोलूंगा।"

नतीजों के बाद दिखेगी असल राजनीति

modi ready to open options of taking support of mamta and mayawati

गुजरात के मुख्यमंत्री ने यह अंदाजा देने की कोशिश भी की कि चुनाव प्रचार की गर्माहट में जो वाकयुद्ध होता है, उसका यह मतलब नहीं है कि चुनाव बाद का गठबंधन उसी से तय होता है।

उन्होंने कहा, "राजनीति इस आधार पर नहीं की जाती कि चुनाव प्रचार के दौरान क्या-क्या कहा गया।" मोदी ने हालांकि जोर दिया कि भाजपा सबसे ज्यादा चुनाव पूर्व सहयोगियों के साथ मैदान में उतरी है और एनडीए को अपने बूते सरकार बनाने का बहुमत मिलेगा।

मोदी ने कहा, "देश के इतिहास में पहली बार भाजपा 25 दलों के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन संग लड़ाई में है। यहां तक कि एनडीए के शासन के वक्‍त भी हमने चुनाव पूर्व गठबंधन नहीं था। कांग्रेस ने इतने बड़े पैमाने पर कभी गठबंधन नहीं किया।"

राहुल ने ममता-मोदी पर ली चुटकी

modi ready to open options of taking support of mamta and mayawati

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी मोदी और ममता के बीच जारी जंग में कूदने का फैसला किया। उन्होंने एक तरफ ममता बनर्जी की तारीफ कर उन पर डोरे डालने की कोशिश की, वहीं अपना वोटबैंक बचाने का प्रयास भी किया।

उन्होंने कहा कि ममता शब्द में पहले म का मतलब है ममता बनर्जी और दूसरे म से मोदी बना है। यानी ममता और मोदी, दोनों एक-दूसरे से मिले हुए हैं और चुनाव बाद यह सामने आ जाएगा।

हालांकि, ममता बनर्जी ने हाल में बयान दिया था कि वो किसी भी कीमत पर चुनाव बाद एनडीए के पाले में नहीं जाएंगी। उनका कहना है, "भीख मांगी जाएगी, तो भी मैं उनके साथ नहीं जाऊंगी।"

प्रियंका पर हमले की वजह बताई

modi ready to open options of taking support of mamta and mayawati

जब चुनाव बाद के गठबंधन के बारे में पूछा गया, तो नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह सवाल प्रासंगिक नहीं है, क्योंकि भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलने जा रहा है। उन्होंने कहा, "भाजपा को बहुमत मिलेगा और हम राजीव गांधी सरकार के बाद अब तक की सबसे मजबूत और स्‍थाई सरकार बनाएंगे।"

मोदी ने प्रियंका वाड्रा पर हमले को भी सही ठहराया। उन्होंने कहा कि अगर कोई शख्स सक्रिय राजनीति में न होने के बावजूद उन पर लगातार हमले बोलेगा, तो उन्हें जवाब देना ही होगा।

उन्होंने कहा, "अगर आप मेरे खिलाफ गंभीर इल्जाम लगा रहे हैं, तो मैं जवाब भी नहीं दूंगा? क्या मुझे जवाब नहीं देना चाहिए?" उन्होंने 'नीच राजनीति' वाले बयान को जाति से जोड़ने को भी सही ठहराया।

'मुझे गांधी परिवार से कोई दिक्कत नहीं'

modi ready to open options of taking support of mamta and mayawati

नरेंद्र मोदी ने कहा कि वो गुजराती पढ़े हैं और इस शब्द के यही मायने निकलते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि गांधी परिवार को लेकर उनके मन में कोई बुरी भावना नहीं है।

मोदी ने कहा, "आपको यह जानकर हैरानी होगी कि जब सोनिया गांधी के बीमार होने की खबर सामने आई थी, तो कोई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता नहीं बल्कि मैंने सबसे पहले उनकी रिकवरी का संदेश भेजा था।"

भाजपा के पीएम पद के दावेदार ने कहा कि देश को उन लोगों को शरण देने के लिए तैयार रहना चाहिए, जो हिंदू परंपरा में यकीन रखते हैं और दुनिया के दूसरे हिस्सों में उन्हें तड़पाया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed