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मोदी का स्वागत तो आडवाणी को लिया आडे़ हाथ
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 14 Sep 2013 04:11 PM IST
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भाजपा की ओर से नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार घोषित किए जाने के फैसले पर सोशल मीडिया पर ज्यादातर लोगों ने स्वागत किया है।
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मोदी की राह में रोड़ा डालने के कारण लालकृष्ण आडवाणी को लोगों ने जमकर निशाना भी बनाया।
मोदी के खिलाफ बोलने वाले ज्यादातर लोगों ने इस फैसले पर टिप्पणी न करके इसे पार्टी का फैसला बताया। विरोधियों का मानना है इस घोषणा से भाजपा को कोई खास फायदा नहीं होने वाला है।
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भाजपा के पूर्व सांसद स्वामी चिन्मयानंद फेसबुक पर मोदी को आशीर्वाद देते हुए कहा कि भगवान उन्हें चुनौतियों का मुकाबला करने में सक्षम बनाएं।
चिन्मयानंद की ही वाल पर जगजीवन जोत सिंह आडवाणी के रवैये पर टिप्पणी करते हैं कि जब सुभाषचंद्र बोस को कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया था तो उस समय महात्मा गांधी भी इसी तरह कोपभवन में जा बैठे थे। आज भाजपा उसी मोड़ पर खड़ी है। वे कहते हैं कि कोप समाधान नहीं है, अपनी रूढ़ियों से बाहर निकलें।
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विमल कुमार मिश्र फेसबुक पर टिप्पणी करते हैं कि आशीर्वाद मिला क्या? उनका इशारा आडवाणी की ओर था किंतु उनकी इस पोस्ट पर ज्योति मिश्र कहते हैं कि अब आशीर्वाद देश की जनता को देना है।
मयंक मांगलिक अपने दोस्तों को बताते हैं कि मोदी पर फैसले के बाद उनके मोहल्ले में मुस्लिम समुदाय के लोग खुशियां मनाते हुए पटाखे छुड़ा रहे हैं।
सोशल साइट पर मोदी को लेकर खुशियां जताने वालों की खिंचाई करते हुए जैद अंसारी कहते हैं कि गजब तो यह है कि कल तक जो आदमी (मोदी) प्रधानमंत्री बनने के सपने भी नहीं देखता था उसने सेकंड पीएम इन वेटिंग होना कैसे स्वीकार कर लिया। सूत न कपास जुलाहों में लट्ठम लट्ठ वाली कहावत। ऐसा माहौल बनाया जा रहा है जैसे मोदी प्रधानमंत्री की शपथ ही ले रहे हों।