काशी आकर मोदी ने साधा एक 'खास मकसद'
बिहार, झारखंड और उड़ीसा सहित पूर्वोत्तर के राज्यों के लिए भाजपा का ‘रोडमैप’ तैयार हो चुका है। यहां सांगठनिक ढांचे में बदलाव के साथ ही पार्टी सामाजिक और राजनैतिक तानाबाना बुनने में जुट गई है। काशी को केंद्र बनाकर भाजपा पूर्वोत्तर में अपने पांव जमाने की तैयारी में है। दो दिवसीय दौरे पर काशी आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इस ओर इशारा किया है।
बनारस में ट्रेड फैसिलिटी सेंटर की आधारशिला रखने के बाद बुनकरों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि एक बुनकर केवल साड़ी नहीं बुनता बल्कि समाज को भी बुनता है। हालांकि राजनीति के जानकार पीएम के इस बयान को दूरगामी राजनीतिक मकसद वाला बता रहे हैं। उनका मानना है कि बुनकरों के बहाने सरकार अल्पसंख्यकों के एक बड़े वर्ग को अपने साथ लाने की कोशिश कर रही है।
आने वाले महीने में जम्मू-कश्मीर और झारखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन दोनों ही राज्यों में गैर भाजपा दलों की सरकार है। दोनों ही राज्य आर्थिक दृष्टि से काफी पिछड़े हैं। भाजपा को मालूम है कि बिहार व झारखंड सहित पूर्वोत्तर के राज्यों में पांव जमाने के लिए सामाजिक और आर्थिक विकास बेहद जरूरी है। इसलिए पीएम मोदी ने जिस रोडमैप का जिक्र किया उसमें आर्थिक तानाबाना का भी जिक्र था। यानी आने वाले दिनों में केंद्र सरकार पूर्वोत्तर के राज्यों के लिए बड़ी योजनाओं अथवा पैकेज का ऐलान कर सकती है।
'काशी की काया बदलेंगे, आत्मा नहीं'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी के लोगों को आश्वस्त किया है कि वे उनका भरोसा टूटने नहीं देंगे। शुक्रवार देर शाम होटल गेटवे में शहर के प्रबुद्धजनों की संगोष्ठी में कहा कि उनकी सोच काशी का पुनर्निर्माण नहीं, कायाकल्प करने की है जिसमें काशी की काया बदलेगी मगर आत्मा सुरक्षित रहेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि वे घोषणा करने नहीं बल्कि काशी के विकास पर चल रहे अपने विचार-मंथन से लोगों को साझीदार बनाने आए हैं। सबका नज़रिया स्पष्ट होते ही इस पर तेजी से काम शुरू कर दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री ठीक 7:45 बजे होटल गेटवे में प्रबुद्धजन सम्मेलन में पहुंच गए। महापौर रामगोपाल मोहले, पूर्व न्यायाधीश गिरधर मालवीय समेत शहर के चुनिंदा नागरिकों ने उनकी अगवानी की। वाराणसी के सांसद के तौर पर पहली बार मोदी शहर के लोगों से मुखातिब थे। अपने संक्षिप्त उद्बोधन में उन्होंने बीएचयू, स्कूलों में शौचालय, गंगा सफाई, शुद्ध पेयजल, ट्रैफिक व्यवस्था, पर्यटन, कचरा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर अपनी बात कही। साथ ही अपेक्षा भी जताई कि उनकी सोच से जुड़े बिंदुओं पर प्रबुद्धजन अपने विचार उन तक पहुंचा सकते हैं जिसके बाद उस विचार को योजना का रूप दे दिया जाएगा।
वाईफाई होने लगा बीएचयू
बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय को मालवीय जी के सपने के मुताबिक वैश्विक दृष्टि तभी मिल सकेगी जब यहां विश्वस्तर की सुविधाएं होंगी। बीएचयू के समूचे परिसर को वाईफाई सुविधा से लैस करने पर काम शुरू कर दिया गया है। इससे संचार और संवाद की सुविधा बढ़ेगी और बीएचयू का शुमार दुनिया की टॉप युनिवर्सिटीज़ में हो सकेगा।
सड़कों पर दौड़ेंगे बैटरी चालित वाहन
शहर की बेतरतीब ट्रैफिक व्यवस्था और पक्का महाल की विशिष्ट बसाहट के मद्देनज़र यहां की सड़कों पर बैटरी चालित वाहन चलने चाहिए। इस दिशा में उनकी टीम काम कर रही है। बैटरी चालित वाहन सार्वजनिक परिवहन प्रणाली का हिस्सा भी होंगे और निजी स्तर पर भी ऐसे वाहनों के प्रति लोगों को प्रेरित किया जाएगा।
गंगा घाटों पर नारी का सम्मान
गंगा के घाट इस तरह विकसित किए जाएं ताकि वहां महिलाओं का सम्मान सुरक्षित रहे। प्रधानमंत्री घाटों पर महिलाओं के लिए जन-प्रसाधन सुविधाएं न के बराबर होने की ओर इशारा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वे इस दिशा में गंभीरता से विचार करते रहे हैं और अब घाटों को सुंदर-स्वच्छ बनाने के साथ-साथ महिलाओं के लिए सर्वसुविधायुक्त बनाना भी उनकी प्राथमिकता है।
बाबा की नगरी में पैलेस ऑन व्हील्स
राजस्थान की विश्वप्रसिद्ध शाही रेल ‘पैलेस ऑन व्हील्स’ जैसी ही राजसी सुविधाओं वाली एक ट्रेन दिल्ली से बरास्ता अयोध्या-इलाहाबाद होते हुए काशी तक चलाने पर रेल मंत्रालय गंभीरता से विचार कर रहा है। इस ट्रेन के चलने से काशी के पर्यटन को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी और हाई वैल्यू टूरिज्म बढ़ेगा।
घर-घर से उठेगा कचरा
काशी शहर की गंदगी भी जग प्रसिद्ध है। यहां सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की कारगर व्यवस्था नहीं है। लोग सार्वजनिक स्थानों पर बेतरतीब ढंग से कूड़ा डालते हैं। नई व्यवस्था के तहत घर-घर से कूड़ा उठाया जाएगा। उसे नियोजित ढंग से कचरा वाहनों के जरिये शहर से बाहर इकट्ठा किया जाएगा। कचरे से बिजली और खाद बनाने के संयंत्र लगाए जाएंगे। (इस पर उपस्थित महिलाओं ने तालियां भी बजाईं।)
कैंट रेलवे स्टेशन के दिन बहुरेंगे
कैंट रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए बैठने की व्यवस्था नहीं है। थके-हारे मुसाफिर गलियारों में, ओवरब्रिज पर, प्लेटफार्म पर कहीं भी बैठने को मजबूर हैं। यह बेहद खराब स्थिति है। रेल मंत्रालय जल्दी ही बड़ी संख्या में स्टेशन के सभी प्लेटफार्मों पर नई बेंच लगवाने जा रहा है। स्टेशन पर आधुनिक प्रसाधन-गृह भी बनाए जा रहे हैं।
आसमान में तारे नहीं, तार
प्रधानमंत्री ने कहा कि शहर के आसमान को बिजली के तारों ने ढक लिया है। यहां जितने कनेक्शन नहीं हैं उससे ज्यादा तार हैं। अधिकारियों को विचार करना चाहिए कि कैसे इस जंजाल से लोगों को मुक्ति दिलाई जा सके। इस दिशा में भी काम चल रहा है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि इस बात से ही अंदाज़ लग जाना चाहिए कि मैं कितनी बारीकी से काशी पर नज़र रखे हुए हूं।
अफसरों पर धौंस जमाना बंद करें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को अनुशासन में रहने की नसीहत देते हुए अपनी ऊर्जा रचनात्मक और सकारात्मक कार्यों में खर्च करने की नसीहत दी है। शुक्रवार को देर शाम डीरेका आफिसर्स क्लब सभागार में भाजपा की ओर से आयोजित प्रमुख कार्यकर्ता बैठक में मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि कार्यकर्ता मेरे नाम से अधिकारियों पर धौंस जमाना बंद करें। यह कहना भी बंद करें कि मैं पीएम के क्षेत्र का भाजपा पदाधिकारी हूं। कार्यकर्ता अपनी भाषा शैली और आचरण को संयमित रखें।
मोदी ने कहा कि किसी काम के लिए अधिकारियों पर अनावश्यक रूप से दबाव बनाना सही नहीं है। इससे समाज में गलत संदेश जाएगा और पार्टी की साख गिरेगी। अधिकारियों के साथ सामंजस्य बैठाकर ही विकास कार्यक्रमों को गति दी जा सकती है। यह हरेक कार्यकर्ता को समझना होगा। कहा कि स्वच्छता अभियान पर कार्यकर्ता विशेष जोर दें। सफाई छोटा काम नहीं। इससे आपकी और पार्टी की भी जनता की नजर में लोकप्रियता और गरिमा बढ़ेगी। बहरहाल, बैठक शुरू होते ही जैसे ही एक एमएलसी बोलने के लिए खड़े हुए मोदी ने फौरन टोका और बैठ जाने को कहा। मोदी ने कहा- विधायक जी आप बैठ जाएं, आज केवल कार्यकर्ता बोलेंगे। सबसे पहले राकेश वशिष्ठ ने केंद्रीय सरकार की योजनाओं को जल्द से जल्द शुरू कराने की मांग उठाई।
इसके बाद शंकर गिरि ने डीजल-पेट्रोल के दाम कम होने का हवाला देते हुए आटो किराया और माला भाड़ा कम किए जाने के लिए प्रदेश सरकार पर दबाव बनाने की बात कही। पार्षद नरसिंह दास ने शहर में दूषित पेयजल आपूर्ति का मुद्दा उठाते हुए कहा कि गंदा पानी पीने की वजह से पिछले दिनों एक नौजवान की मौत हो गई। देवेंद्र प्रताप सिंह ने पीएम से रेलवे आरक्षण का कोटा बढ़ाने की मांग की। बैठक में शहर की खस्ताहाल सड़कों सहित विकास से जुड़ी तमाम समस्याओं को भी स्थानीय कार्यकर्ताओं ने अपने सांसद के सामने रखी। बैठक में डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी सहित कुल 153 प्रमुख पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल थे।
‘ब्याज समेत चुकाऊंगा काशीवासियों का ऋण’
प्रधानमंत्री बनने के बाद शुक्रवार को पहली बार नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र के बूथ कार्यकर्ताओं से मिले। चुनाव में ऐतिहासिक जीत दिलाने के लिए उनका शुक्रिया अदा किया और कहा कि काशी का जनता का ऋणी हूं और इस ऋण को ब्याज समेत चुकाने का वादा भी किया। मोदी ने अपने कार्यकर्ताओं को पूर्ण बहुमत वाली सरकार के फायदे तो बताए ही, चुनाव के दौरान काशी के लोगों से किए गए वायदों का भी जिक्र करना नहीं भूले। उन्होंने सरकार के सौ दिनों के कामकाज का ब्यौरा भी अपने संसदीय क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के सामने रखा। डीरेका के रामलीला मैदान पर आयोजित बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन में वाराणसी संसदीय क्षेत्र के सभी पांच विधानसभाओं के लगभग 20 हजार बूथ स्तर के कार्यकर्ता मौजूद थे।
मोदी ने कहा कि भाजपा का पूरा ध्यान इन दिनों सदस्यता अभियान पर है। हम चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोग भाजपा से जुड़े ताकि देश सेवा का वातावरण तैयार हो। इस अभियान में काशी अगर पीछे रह गई तो आपके सांसद यानी मुझे जवाब देना होगा। इसलिए आप आज संकल्प लें कि सदस्यता अभियान में वाराणसी सूबे में पहले नंबर पर होगा।
डीरेका मैदान पहुंचने पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल, क्षेत्रीय अध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य और महापौर रामगोपाल मोहले ने मोदी का स्वागत किया। समारोह में तीनों विधायक श्यामदेव राय चौधरी, ज्योत्सना श्रीवास्तव, रवींद्र जायसवाल, एमएलसी केदारनाथ सिंह, चेतनारायण सिंह, आजाद सिंह गौतम, टीएस जोशी, संजय भारद्वाज, अशोक पांडेय, प्रशांत सिंह, रणंजय सिंह सहित भाजपा, भाजयुमो, महिला और किसान मोर्चा के तमाम पदाधिकारी मौजूद थे।
'मैंने गांव को नहीं बल्कि गांव ने मुझे गोद लिया'
केंद्र सरकार ने सांसद आदर्श ग्राम योजना की कल्पना की है। मैंने जयापुर को चुना है। लेकिन हकीकत ये है कि सांसद गांव को गोद नहीं ले रहा है बल्कि गांव सांसद को गोद ले रहा है। हम सांसद, मंत्री, सीएम या पीएम बन जाएं लेकिन गांव के लोगों से सीखने को जो मिलता है वह कहीं और नहीं मिल सकता। मुझे अच्छा जनप्रतिनिधि बनना है, समस्याओं को समझना है। यह सब मैं बाबुओं और अफसरों के बीच रहकर नहीं सीख सकता। गांव के बुजुर्गों के अनुभव और तजुर्बे का देश के विकास के लिए बेहतर इस्तेमाल हो सकता है, लेकिन विकास सरकारी तरीके और सरकारी खजाने से नहीं, बल्कि जनशक्ति से होगा। ये बातें शुक्रवार की दोपहर सांसद आदर्श ग्राम की घोषणा करने जयापुर गांव पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहीं।
बड़ा लालपुर में 147 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ट्रेड फैसिलिटी सेंटर की आधारशिला रखने के बाद जयापुर पहुंचे पीएम ने कहा कि जयापुर को मैंने गोद नहीं लिया, मैं जयापुर के लोगों से प्रार्थना करने आया हूं कि वे अपने सांसद को गोद लें। सांसद को सिखाएं कि गांव की समस्याओं का समाधान कैसे होता है। अब तक हमने जो तौर-तरीके अपनाए उनमें कुछ कमियां है। पीएम ने कहा कि मैं जागृति लाना चाहता हूं। अधिकारी सोचें कि हमें जिसने आगे भेजा है उसे आगे लाने का तो हम कोई प्रबंध करें। इसलिए मेरी कोशिश है कि हम लोगों के बीच जाएं, उनके सहयोग से सरकार की योजनाओं को लागू कराएं। इससे पहले पीएम ने मंच पर रखी श्यामा प्रसाद मुखर्जी और दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। ग्राम प्रधान दुर्गावती देवी ने मंच पर स्वागत किया। मंच पर प्रदेश सरकार के मंत्री अहमद हसन, सुरेंद्र सिंह पटेल, एमएलसी केदारनाथ सिंह और अरविंद मौजूद रहे।
ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर एंड क्राफ्ट म्यूजियम का शिलान्यास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार काशी के विकास की अपनी रूपरेखा जनता के सामने रखी। बड़ा लालपुर में शुक्रवार की दोपहर 147 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर एंड क्राफ्ट म्यूजियम के शिलान्यास के बाद अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बड़ी-बड़ी बातें करने नहीं आए बल्कि कुछ करके दिखाना चाहते हैं। इस मौके पर उन्होंने पावरलूम सर्विस सेंटर का भी उद्घाटन किया। अपने 27 मिनट के संबोधन के दौरान उन्होंने काशी की विरासत और बुनकरों के उत्पादों की ग्लोबल ब्रांडिंग पर जोर दिया। प्रधानमंत्री कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के 16 जिलों के बैंक आर्थिक संकट, घोटालों और राजनीतिक विकृतियों के कारण बंद पड़े हैं। पिछले सप्ताह भारत सरकार ने करीब 2375 करोड़ रुपये का पैकेज दे दिया है। मोदी ने सूबे की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ट्रेड फैसिलिटी सेंटर और क्राफ्ट म्यूजियम दुनिया भर के पर्यटकों और कला प्रेमियों का केंद्र होगा। कोशिश थी कि यह सेंटर शहर के पास बने। इसके लिए यूपी सरकार से जमीन मांगी थी लेकिन मिली नहीं। इसलिए हमें शहर के बाहर आना पड़ा। फिर भी ये सेंटर बनारस के विकास के लिए बड़ी भूमिका निभाएगा।
नशे में धुत इंटेलीजेंस के सिपाही ने किया हंगामा
डीरेका परिसर में पीएम की सुरक्षा में तैनात इंटेलिजेंस के सिपाही ने शुक्रवार को नमो के आने से ठीक पहले जमकर हंगामा मचाया। वह नशे में धुत था। उसकी इस हरकत से मौके पर मौजूद अधिकारियों के हाथ-पांव फूलने गए। पुलिस अफसरों ने तत्काल सिपाही को ड्यूटी से हटा दिया। इसके बाद पूरे डीरेका परिसर की सघनता से जांच की गई।
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि डीजल रेल इंजन कारखाना (डीरेका) गेस्ट हाउस गेट के बैरियर पर अभिसूचना संकलन एवं संदिग्धों की निगरानी के लिए इंटेलीजेंस के एक कांस्टेबल की ड्यूटी लगाई गई थी। पीएम का हेलिकाप्टर आने से ठीक पहले उसने हंगामा खड़ा कर पुलिस अफसरों को परेशानी में डाल दिया। एक पुलिस अफसर ने बताया कि वह नशे में धुत था। मामले से विभाग को अवगत करा कर कार्रवाई की जाएगी। उधर पीएम का हेलिकाप्टर उतरने से पहले चार बम निरोधक दस्तों ने परिसर की गहनता से जांच की। सुरक्षा के लिए डीरेका गेस्ट हाउस मार्ग सील कर दिया गया था।
रूट डायवर्जन में बाइक भी रोकी
वाराणसी। पीएम आगमन के मद्देजनर शहर में विभिन्न जगहों पर रूट डायवर्ट किया गया था। इस दौरान लंका, सुंदरपुर और डीरेका के आस-पास पुलिस ने बाइक सवारों को भी रोक दिया। जबकि एसएसपी ने कहा था कि बाइक के आवागमन पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई जाएगी।
सड़कों पर कम रही भीड़
शहर की सड़कों पर पीएम के आने के दौरान शुक्रवार को उतनी भीड़ नहीं दिखी, जितना रोजाना रहती है। इस दौरान ज्यादातर लोग अपने घरों में ही रहे और पीएम का कार्यक्रम टीवी पर लाइव देखते रहे। शुक्रवार को पूरा शहर पुलिस छावनी में तब्दील दिखा। हालांकि कई जगहों पर पुलिसकर्मी अपने ड्यूटी प्वाइंट से नदारद भी दिखे।
‘सपने में भी नाहीं सोचले रहली...’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद जयापुर की प्रधान दुर्गावती देवी अपने घर में खुशी से झूमती नजर आईं। इस संवाददाता से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘जीवन धन्य हो गयल भइया। सपने में भी नाहीं सोचले रहली हमार माइक परधानमंत्री जी सही करिहैं। एतना मान पाके आंख भर आइल। वोही संकलप ले लिहली कि गांव क लड़कियन अउर औरतन क बेहतरी बदे अब जवन बन सकी, करब। बच्ची के जनमे-जीए बदे हर परिवार के बताइब।’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जयापुर दौरा मातृ शक्ति का मान बढ़ाने में मिसाल साबित हुआ। दरअसल, सांसद आदर्श ग्राम योजना की घोषणा करने जयापुर पहुंचे पीएम के लिए स्वागत भाषण देने आईं ग्राम प्रधान दुर्गावती देवी के सामने माइक काफी ऊंचाई पर था। यह देखते ही बिना किसी औपचारिकता के अपने स्थान से उठकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माइक को नीचा किया और वापस अपनी जगह पर जाकर बैठ गए। देश के प्रधानमंत्री द्वारा एक महिला ग्राम प्रधान के प्रति ऐसा सम्मान देख शुक्रवार की दोपहर पंडाल में उपस्थित हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया। 33 मिनट के संबोधन के दौरान उन्होंने लड़कियों की शिक्षा और परवरिश पर खासा जोर दिया। कन्या भ्रूण हत्या पर दुख जताते हुए उन्होंने कहा कि एक हजार लड़कों पर आठ सौ लड़कियां रहेंगी तो समाज कैसे चलेगा? बेटी के जन्म पर उत्सव मनाएं, बेटी लक्ष्मी है। हालांकि ऐसा हो नहीं रहा है।
पीएम ने कहा कि बेटी के पैदा होते ही खेत में पांच पेड़ लगा दें। बीस साल बाद बेटी और पेड़ दोनों बीस साल के होंगे। पेड़ को बेच कर बेटी की शादी कर दें। यदि गर्भ में ही बेटी को मारेंगे तो संसार नहीं चल पाएगा। बेटी की पढ़ाई पर भी विशेष ध्यान दें। गांव की प्रधान दुर्गावती देवी आठवीं पास हैं, इसलिए इनका कान्फीडेंस काफी ऊंचा है। इनसे उम्मीद है कि गांव की अन्य बेटियों को भी पढ़ाई के लिए प्रेरित करेंगी।
गांव में पानी बिकता देख बुजुर्ग चकित
जयापुर गांव में बोतल बंद पानी बिकता देख बुजुर्ग चकित थे। उस पर भी, जब एक बोतल पानी का दाम 20 रुपये सुना तो उनके आश्चर्य का ठिकाना न रहा। रामप्यारे, सजीले, मुन्नू और निहोरे सहित अन्य बुजुर्गों का कहना था कि भाई पानी इतना क्यों महंगा कैसे हो गया। वहीं, सुरक्षा ड्यूटी में लगे सुरक्षा बल के जवानों को गांव के बच्चे पानी पिलाने का काम कर रहे थे।
रिश्तेदार भी पहुंचे मोदी का भाषण सुनने
जयापुर गांव के हर घर में शुक्रवार को मेहमानों का जमावड़ा था। हर किसी के रिश्तेदार मोदी को करीब से देखने और उनका भाषण सुनने के लिए पहुंचे थे। यहां तक कि नौकरी, धंधा करने गए कई लोग बड़ौदा, मुंबई और चेन्नई से भी आए थे। सभी का यही कहना था कि देश के पीएम हमारे गांव आ रहे हैं, इससे बड़ी बात हमारे लिए और क्या हो सकती है।
हादसे में झुलसी डिंपी भी पहुंची
जयापुर गांव में कुछ माह पहले बिजली हादसे में झुलसी डिंपी राय भी पीएम को सुनने पहुंची थी। कार्यक्रम खत्म होने के बाद डिंपी का कहना था कि बीते दिनों हुए को संज्ञान में लेकर प्रधानमंत्री ने हमारे गांव की तकदीर बदल दी। अब इंतजार है गांव के विकास का। गांव बढ़ेगा तो हम सभी बढ़ेंगे।
खुला रहा स्कूल, हेलीकाप्टर नहीं देख पाए बच्चे
प्रधानमंत्री के सभा स्थल तक पहुंचने वाला रास्ता प्राथमिक विद्यालय जयापुर के सामने से जा रहा था। इसके बावजूद बच्चे हेलीकाप्टर नहीं देख पाए। कारण कि स्कूल खुला हुआ था और शिक्षकों को डर था कि कहीं पीएम स्कूल देखने न पहुंच जाए। इसीलिए बच्चों को स्कूल में हो रोके रखा गया। बीएसए भी वहां डेरा जमाए हुए थे।
ग्रामीणों की हसरतें रह गईं अधूरी, नहीं घूमे पीएम
जयापुर के लोगों को उम्मीद थी कि पीएम अपने आदर्श गांव में भ्रमण करेंगे। इसी आशा के साथ सभी ने उनकी अगवानी के लिए अपने दरवाजों पर आकर्षक रंगोलियां बनाई थीं लेकिन ग्रामीणों की हसरतें अधूरी रह गईं। रंगोली बनाने में सुबह से व्यस्त रहीं पिंकी, प्रिया, प्रीती, पूजा, विनोद, अश्विनी, उषा और कोमल आदि का कहना था कि मोदी एक बार गांव घूम लेते तो सारी स्थितियों से रूबरू हो जाते।
दफ्तरों में टीवी, कंप्यूटर और मोबाइल से चिपके रहे कर्मचारी
सुबह दस बजे सरकारी कार्यालय खुलने के साथ ही टीवी, कंप्यूटर और मोबाइल आन हो गए थे। हर किसी को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के बारे में जानकारी लेनी थी। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण अधिकारी कार्यालय में नहीं थे। कार्यालय में केवल सरकारी कर्मचारी और इक्का दुक्का फरियादी रहे। हर कोई प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर उत्साहित था। उन्हें सुनने के लिए लोग टीवी शोरूम में चल रही टीवी को देखने के लिए सड़कों पर खड़े रहे।
कलेक्ट्रेट में एक फरियादी धरना प्रदर्शन की अनुमति लेने पहुंचा। वहां का माहौल देखने के बाद फरियादी भी कंप्यूटर के पीछे खड़ा हो गया और प्रधानमंत्री के लालपुर पहुंचने के बारे में जानकारी ले लेने लगा। उनके भाषण को सुनने के बाद लोग आपस में कमेंट भी कर रहे थे। सभी सरकारी कार्यालयों में इसी तरह का माहौल रहा। कहीं कंप्यूटर तो कहीं मोबाइल के जरिए लोग पीएम का भाषण सुन रहे थे।
कार्यालय जाने वाले फरियादियों को पीएम के कार्यक्रम का हवाला देकर दो दिन बाद कार्यालय में बुलाया गया है। कुछ फरियादी तत्काल काम कराना चाहते थे तो उन्हें अधिकारियों का मोबाइल नंबर दे दिया गया।