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हाईस्पीड ट्रेनों के लिए मोदी का नया प्लान

Fri, 12 Sep 2014 09:03 AM IST
हेमंत रस्तोगी/अमर उजाला, नई दिल्ली
हेमंत रस्तोगी/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 12 Sep 2014 09:03 AM IST
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modi new plan on high speed train.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाईस्पीड ट्रेनों के सपने को साकार करने के लिए रेल मंत्रालय ने अपने सबसे क्षमतावान इलेक्ट्रिक इंजनों की रफ्तार 200 किमी. प्रति घंटा करने का बीड़ा उठाया है।

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देश का पहला 200 किमी. की रफ्तार वाला इलेक्ट्रिक इंजन चितरंजन के कारखाने में तैयार होगा। राजधानी और शताब्दी में प्रयोग होने वाले 160 किमी. की रफ्तार वाले डब्लूएपी-5 इंजन को चितरंजन भेज दिया गया है।
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इसके लिए मंत्रालय ने खासतौर पर जर्मनी से विशेष ट्रांसमिशन सिस्टम उपकरण मंगवाया है। इलेक्ट्रिक इंजन में मूलभूत परिवर्तन कर तीन माह के अंदर इसकी रफ्तार 200 किमी. करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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दिल्ली से आगरा के बीच 160 किमी. की रफ्तार वाली सेमी हाईस्पीड ट्रेन के ट्रायल के बाद मंत्रालय के अधिकारियों को हाईस्पीड इलेक्ट्रिक इंजनों की जरूरत महसूस हुई है।

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक देश में अगर हाईस्पीड ट्रेनों को दौड़ाना है तो उसके इंजन की स्पीड 200 किमी. प्रति घंटा होना आवश्यक है।

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अब 200 किमी. रफ्तार वाले इंजन की तैयारी

modi new plan on high speed train.

वर्तमान में देश में उच्च क्षमता वाले डब्लूएपी-5 इंजन राजधानी और शताब्दी में प्रयोग हो रहे हैं। इनकी क्षमता 160 किमी. प्रति घंटा है, लेकिन यह 120 से 140 किमी. प्रति घंटा के बीच चलते हैं।

सेमी हाईस्पीड ट्रेन में भी इसी इंजन का प्रयोग किया गया है, लेकिन देश के नौ कॉरीडोर में सेमी हाईस्पीड ट्रेनों को चलाने के लिए इससे अधिक रफ्तार वाले इंजनों की जरूरत पड़ेगी।

इस बात को ध्यान में रखते हुए 200 किमी. रफ्तार वाले इंजन तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इंजन के ट्रांसमिशन सिस्टम में सुधार कर उसकी गियर क्षमता को सुधारा जाएगा, जिससे उसकी स्पीड बढ़ेगी।

देश में इस वक्त कुल 4900 इंजन हैं। इनमें उच्च क्षमता वाले डब्लूएपी इंजनों की संख्या मात्र 75 है। तीन माह के बाद आरडीएसओ चितरंजन में तैयार इस इंजन का ट्रायल लेगा। इसके बाद आरडीएसओ उसे सर्टिफिकेट प्रदान करेगा।

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