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मोदी के मुस्लिम चेहरे का सामाजिक बहिष्कार
नई दिल्ली। इंटरनेट डेस्क
Updated Fri, 30 Aug 2013 06:26 PM IST
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गुजरात में नरेंद्र मोदी का मुस्लिम चेहरा रहे भाजपा अल्पसंख्यक सेल के अध्यक्ष सूफी महबूब अली चिश्ती विवादों के घेरे में हैं। उनके खिलाफ कई मुस्लिम संगठनों ने फतवा जारी किया है।
गुजरात के कई मुस्लिम संगठनों ने सूफी महबूब अली चिश्ती के खिलाफ फतवा जारी कर, उनका सामाजिक बहिष्कार करने की घोषणा की है। चिश्ती के खिलाफ सूरत और भरूच के 19 मौलानाओं ने फतवा जारी किया है।
दरअसल चिश्ती के खिलाफ ये फतवा उनकी किताब को लेकर जारी किए गए हैं। मौलानाओं का आरोप है कि उन्होंने अपनी इस किताब 'तजीने सजदा जायज है' के जरिए मुस्लिम समाज को बांटने का प्रयास किया है। मौलानाओं ने उन पर कई और गंभीर आरोप लगाए हैं।
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महबूब अली चिश्ती इससे पहले नरेंद्र मोदी के सद्भभावना उपवास के दौरान चर्चा में आए थे। जब उन्होंने सद्भभावना उपवास के दौरान मोदी के लिए काफी व्यवस्थाएं की थीं।
वहीं इन आरोपों को चिश्ती ने एक राजनीतिक साजिश बताया है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा है कि इससे पहले भी चुनाव आयोग ने भी उनके खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के लिए कांग्रेसी नेताओं की निंदा की थी। ये भी उसी साजिश का हिस्सा हो सकता है।
इसके अलावा भाजपा के भी अन्य अल्पसंख्यक सदस्य भी चिश्ती के खिलाफ बोल रहे हैं। वे उनको अल्पसंख्यक सेल का अध्यक्ष बनाने का भी विरोध करते आएं हैं। वहीं पार्टी के अन्य सदस्य उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते रहे हैं।
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गुजरात के कई मुस्लिम संगठनों ने सूफी महबूब अली चिश्ती के खिलाफ फतवा जारी कर, उनका सामाजिक बहिष्कार करने की घोषणा की है। चिश्ती के खिलाफ सूरत और भरूच के 19 मौलानाओं ने फतवा जारी किया है।
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दरअसल चिश्ती के खिलाफ ये फतवा उनकी किताब को लेकर जारी किए गए हैं। मौलानाओं का आरोप है कि उन्होंने अपनी इस किताब 'तजीने सजदा जायज है' के जरिए मुस्लिम समाज को बांटने का प्रयास किया है। मौलानाओं ने उन पर कई और गंभीर आरोप लगाए हैं।
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महबूब अली चिश्ती इससे पहले नरेंद्र मोदी के सद्भभावना उपवास के दौरान चर्चा में आए थे। जब उन्होंने सद्भभावना उपवास के दौरान मोदी के लिए काफी व्यवस्थाएं की थीं।
वहीं इन आरोपों को चिश्ती ने एक राजनीतिक साजिश बताया है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा है कि इससे पहले भी चुनाव आयोग ने भी उनके खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के लिए कांग्रेसी नेताओं की निंदा की थी। ये भी उसी साजिश का हिस्सा हो सकता है।
इसके अलावा भाजपा के भी अन्य अल्पसंख्यक सदस्य भी चिश्ती के खिलाफ बोल रहे हैं। वे उनको अल्पसंख्यक सेल का अध्यक्ष बनाने का भी विरोध करते आएं हैं। वहीं पार्टी के अन्य सदस्य उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते रहे हैं।