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सुशासन के लिए मोदी ने निकाला ये नायाब रास्ता

Sun, 13 Jul 2014 12:29 PM IST
Updated Sun, 13 Jul 2014 12:29 PM IST
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modi made a new way for good governance

सुशासन और ई-गवर्नेंस के एजेंडे को सिर्फ भाषणों और दावों तक ही सीमित न रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे मूर्त रूप देने के लिए एक रास्ता तैयार कर लिया है।

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प्रधानमंत्री के अधीन कार्मिक मंत्रालय ने सुशासन के एजेंडे को दिल्ली स्थित नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (एनसीजीजी) के जरिए आगे बढ़ाने की सलाह दी है।

दिलचस्प बात यह है कि इस ड्रीम प्रोजेक्ट को यूपीए सरकार के समय शुरू हुए एनसीजीजी के जरिए ही आगे बढ़ाने की शुरुआत मोदी सरकार कर रही है।

थिंक टैंक के तौर पर काम करेगा एनसीजीजी

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एनसीजीजी का उद्घाटन यूपीए सरकार में कार्मिक राज्य मंत्री रहे नारायण सामी ने 24 फरवरी 2014 को किया था। कार्मिक मंत्रालय के सचिव डॉ एसके सरकार ने सभी मंत्रालयों को लिखे पत्र में कहा है कि वह सुशासन के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए इस सेंटर से तालमेल बनाएं।

मंत्रालय के कामकाज को लेकर इस संस्थान का अधिकतम इस्तेमाल करें। चिट्ठी में बाकायदा दिल्ली स्थित एनसीजीजी के कार्यालय का पता और महानिदेशक आईएएस अधिकारी कुश वर्मा का मोबाइल नंबर भी लिखा गया है।

मोदी ने तय किया है कि एनसीजीजी देश में गुड गवर्नेंस के क्षेत्र में एक थिंक टैंक के तौर पर काम करेगा। मसूरी स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव रिसर्च को अपग्रेड करके एनसीजीजी बनाया गया है।

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क्या है मोदी के सुशासन का 10 सूत्रीय एजेंडा

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एनसीजीजी का काम सुशासन के क्षेत्र में शोध करना और फिर इसे लागू करने के लिए ऐसे आसान तरीके ईजाद करना है ताकि मंत्रालय आसानी से सुशासन सुधार को लागू कर सकें।
 
ये है 10 सूत्रीय एजेंडा
नए विचारों का सदैव स्वागत, मंत्रालयों के बीच आपसी समन्वय के लिए कारगर सिस्टम, सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, ई-ऑक्शन को बढ़ावा देना, अर्थव्यवस्था की समस्याओं का हल तलाशना, आधारभूत संरचना, निवेश पर जोर, जनता की उम्मीद पूरा करने पर ध्यान, नीतियों को तय समयसीमा में पूरा करना, सरकारी नीतियों में निरंतरता, अधिकारियों का आत्मविश्वास बढ़ाना और शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी को प्राथमिकता देना।

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