नरेंद्र मोदी की लकी कलम का 'राज़'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव के लिए नामांकन भरते समय एक खास कलम अपने साथ रखते हैं।
ये बात खुद नरेंद्र मोदी ने वाराणसी सीट से 2014 के लोक सभा चुनाव का नामांकन भरते हुए अपने प्रस्तावक गिरिधर मालवीय को बताई थी।
मोदी के नामांकन के समय अमित शाह, छन्नू लाल मिश्र, रविशंकर प्रसाद और मुख्तार अब्बास नक़वी शहर के ज़िलाधिकारी प्रांजल यादव के समक्ष मौजूद थे।
वहाँ मौजूद लोगों ने बीबीसी को ये जानकारी दी है कि मोदी ने अपना लकी पेन दिखाते हुए गिरिधर मालवीय को मुस्कुराते हुए बताया था, "2012 के गुजरात विधान सभा चुनाव के समय एक संत ने इसी कलम से नामांकन भरने की सलाह दी थी और मैं अब भी हर नामांकन में इसका इस्तेमाल करता हूँ।"
कुर्सी की पेशकश
ये किस्सा इसी वर्ष 24 अप्रैल का है जब मोदी ने नामांकन के पहले मदन मोहन मालवीय और सरदार पटेल की प्रतिमा का माल्यार्पण किया था।
नामांकन भरते समय नरेंद्र मोदी से पहले कतार में नौ और उम्मीदवार थे तो उन्हें प्रसाशनिक अधिकारियों ने कुर्सी पर बैठने की पेशकश की।
इस पर मोदी का जवाब था, "मैं बनारस में बैठने नहीं, खड़ा होने आया हूँ। बैठूंगा नहीं"।
नरेंद्र मोदी ने 2014 के आम चुनाव में पहली बार वाराणसी के साथ-साथ वडोदरा से चुनाव लड़ा था और दोनों ही जगहों पर उन्हें जीत हासिल हुई।