{"_id":"003e19a7647bba50f7a6faba860c773f","slug":"modi-live-from-tokyo-hindi-news-vk","type":"story","status":"publish","title_hn":"पढ़िए, टोक्यो में क्या बोले पीएम नरेंद्र मोदी","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
पढ़िए, टोक्यो में क्या बोले पीएम नरेंद्र मोदी
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 01 Sep 2014 12:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान की राजधानी टोक्यो में जापानी उद्योगपतियों को संबोधित किया।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पिछले तीन महीने में भारत की जीडीपी बढ़ी है जो एक अच्छा संकेत है।
उन्होंने कहा कि पिछला एक दशक कठिनाइयों से गुजरा है लेकिन भारत में अब पूर्ण बहुमत की सरकार है और हालात स्थिर हैं।
भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत, जापान के साथ रिसर्च में भी सहयोग चाहता है, जापान की तर्ज पर स्किल डवलपमेंट चाहता है।
मोदी ने कहा कि 21वीं सदी एशिया की होगी और भारत-जापान साथ मिल कर काफी कुछ करेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाली सदी कैसे होगी हमें इस बात का जवाब तैयार करना है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि,"भारत में हमने जापानी बैंक को कारोबार की अनुमति दी, सुविधाएं मुहैया कराईं। गुड गवर्नेंस हमारी सरकार की प्राथमिकता है।"
मोदी ने कहा कि,"दुनिया दो धाराओं में बंटी हुई है- विस्तारवाद और विकासवाद। समुद्र के रास्ते किसी देश पर अतिक्रमण करना, किसी देश की सीमाओं में घुस आना, ये सब 18वीं शताब्दी में होता था लेकिन अब विस्तारवाद नहीं चलेगा और विकासवाद चलेगा।"
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पिछले तीन महीने में भारत की जीडीपी बढ़ी है जो एक अच्छा संकेत है।
उन्होंने कहा कि पिछला एक दशक कठिनाइयों से गुजरा है लेकिन भारत में अब पूर्ण बहुमत की सरकार है और हालात स्थिर हैं।
भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत, जापान के साथ रिसर्च में भी सहयोग चाहता है, जापान की तर्ज पर स्किल डवलपमेंट चाहता है।
मोदी ने कहा कि 21वीं सदी एशिया की होगी और भारत-जापान साथ मिल कर काफी कुछ करेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाली सदी कैसे होगी हमें इस बात का जवाब तैयार करना है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि,"भारत में हमने जापानी बैंक को कारोबार की अनुमति दी, सुविधाएं मुहैया कराईं। गुड गवर्नेंस हमारी सरकार की प्राथमिकता है।"
विज्ञापन
मोदी ने कहा कि,"दुनिया दो धाराओं में बंटी हुई है- विस्तारवाद और विकासवाद। समुद्र के रास्ते किसी देश पर अतिक्रमण करना, किसी देश की सीमाओं में घुस आना, ये सब 18वीं शताब्दी में होता था लेकिन अब विस्तारवाद नहीं चलेगा और विकासवाद चलेगा।"
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन