चुनाव प्रचार के आखिरी दिन मोदी का आखिरी दांव
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चुनाव प्रचार के अंतिम दिन भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी आखिरी दांव चला। स्क्रिप्ट में बदलाव करते हुए इंसेफेलाइटिस, गन्ना किसानों की बदहाली और बाढ़ जैसे स्थानीय मुद्दों का जिक्र करते हुए भाजपा सरकार में इन समस्याओं से निजात दिलाने का भरोसा दिया।
हालांकि जल्द ही कांग्रेस विरोधी पारंपरिक एजेंडे पर वापस होते हुए उन्होंने न सिर्फ सोनिया गांधी को निशाने पर रखा बल्कि गृहराज्यमंत्री आरपीएन सिंह पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की एक ’डर्टी टीम’ दिल्ली में रोज रात को डिक्शनरी खंगाल कर मेरे लिए गालियां चुनती है। इसी टीम की खोजबीन के बाद मुझे नीच सोच का व्यक्ति बताया गया। सवालिया शैली में कहा, क्या गरीबों-किसानों की बात करना नीचता है।
शनिवार को कुशीनगर और देवरिया की सभाओं की शुरुआत ही मोदी ने स्थानीय जुड़ाव स्थापित करने की शैली में की।
मोदी ने केंद्र और राज्य सरकारों को कोसा
मोदी ने सबसे पहले भगवान बुद्ध, कबीर, गुरु गोरक्षनाथ और काशी विश्वनाथ का नाम लिया और फिर बंद चीनी मिलों, किसानों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान, इंसेफेलाइटिस जैसी समस्याओं का जिक्र करते हुए इनके लिए केंद्र व राज्य सरकारों को कोसा।
राजग की पिछली सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह से तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने गांवों को सड़कों से जोड़ा, वैसे ही हम खेतों को सिंचाई के साधन से जोड़ेंगे, बाढ़ पर नियंत्रण करने के लिए नदियां आपस में जोड़ी जाएंगी।
उन्होंने कहा कि किसानों और गरीबों के हित की ऐसी बातें करने के कारण ही कांग्रेस अध्यक्ष ने मुझे नीच सोच वाला बताया था। सोनिया की नजर में अगर ऐसी आवाज उठाने वाला नीच होता है तो मुझे नीच होने पर गर्व है।
'कई प्रांतों में कांग्रेस का खाता नहीं खुलेगा'
कुशीनगर की सभा में सोनिया गांधी के साथ-साथ केंद्रीय गृह राज्यमंत्री
आरपीएन सिंह को भी निशाने पर रखा। मोदी ने कहा कि देश की राजधानी में कानून
व्यवस्था पूरी तरह गृहमंत्रालय के जिम्मे होती है और देखते-देखते दिल्ली
जुर्म की राजधानी बन गई।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में सबसे ज्यादा रेप की घटनाएं हुईं। यहां
के सांसद आरपीएन सिंह ने दिल्ली में राहुल गांधी के साथ बैठकर अपना कद तो
खूब बढ़ाया लेकिन किसानों व स्थानीय समस्याओं की परवाह नहीं की। कांग्रेस
पर जाति और छुआछूत की भावना अपनाने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि अबकी
बार कई प्रांतों में कांग्रेस का खाता नहीं खुलेगा।
मोदी ने कहा कि अमेठी की सीट भी उनके
हाथ नहीं रहेगी। सपा और बसपा के सांसदों की संख्या भी इकाई में ही सिमट
जाएगी। उन्होंने कहा कि आप मुझे मजबूत सरकार दें, मैं आपको मजबूत
हिंदुस्तान दूंगा।
'देश बेचने वालों से चाय बेचने वाला अच्छा'
भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने बलिया में कहा कि कई राज्यों में कांग्रेस का खाता तक नहीं खुलेगा। अगर खुला भी तो नौ के पार नहीं जा पाएगी। कहा कि मोदी को चाय बेचने वाला बता कर अपमानित किया गया, अब वे कभी चाय वाले को गाली देने की हिम्मत नहीं जुटा पाएंगे। देश बेचने वालों से चाय बेचने वाला अच्छा है।
मोदी ने नगर के माल्देपुर मोड़ पर चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश महंगाई और भ्रष्टाचार से कराह रहा है, लेकिन मां-बेटे इस पर कुछ नहीं बोले। यह जनता के साथ धोखा है। पूरे चुनाव में कांग्रेस ने अपने पापों का हिसाब नहीं दिया, बल्कि जनता का अपमान किया। कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने छह साल में साढ़े छह करोड़ लोगों को रोजगार दिया था, जबकि मां-बेटे की सरकार ने 10 साल में केवल डेढ़ करोड़ लोगों को ही रोजगार दिया।
कहा कि कई राज्यों में कांग्रेस खाता तक नहीं खोल पाएगी। कांग्रेस के कई चेले-चपाटों की संसद में हाजिरी तक नहीं लगेगी। इस चुनाव में एक भी राज्य ऐसा नहीं होगा, जहां कांग्रेस पार्टी नौ के आंकड़े को पार कर ले। कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस दिखाने के लिए अलग-अलग हैं लेकिन सपा का स, बसपा का ब और कांग्रेस का का। इन ‘सबका’ मालिक एक सोनिया हैं। ये लखनऊ में कुश्ती करते हैं और दिल्ली में दोस्ती करते हैं। सभी एक ही थाली में खाते हैं।
'बंदूक की राजनीति से देश का भला नहीं'
भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि बंदूक-पिस्तौल की राजनीति से देश का भला नहीं होगा। माओवाद जनपद के लिए नासूर है। तरक्की के लिए हल (खेती) का सहारा लेना होगा। माओवादियों से बंदूक छोड़कर लोकतंत्र में शामिल होने का आह्वान किया। भाजपा की सरकार बनने पर कुल लागत का 50 फीसदी अधिक जोड़कर उपज का नया समर्थन मूल्य लागू करने का वादा किया।
सोनभद्र में राबर्ट्सगंज स्थित न्यू कालोनी में आयोजित जनसभा में मोदी ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने आदिवासियों के लिए कुछ नहीं किया। अटल बिहारी वाजपेयी की अगुवाई में भाजपा की केंद्र सरकार के समय में आदिवासी मंत्रालय बना। आदिवासी मंत्री नियुक्त करते हुए अलग से बजट तय किया गया।
मोदी ने माओवादियों से कहा कि बंदूक छोड़कर लोकतंत्र में शामिल हों। कहा कि माओवाद बेकसूरों की जान ले रहा है। सोनभद्र के लिए भी यह नासूर है। बंदूक किसी की जिंदगी ले सकता है पर किसी की जिंदगी बना नहीं सकता। इसलिए हमें खूनी खेल को रोकना होगा और हर ओर हरियाली (कृषि की उन्नति) लानी होगी।