प्रधानमंत्री मोदी ने बताया बचपन का अधूरा सपना
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प्रधानमंत्री मोदी ने काफी समय बाद आम जनता से मन की बात में अपने दिल के कई राज खोले। अरसे से अटकी पड़ी वन रैंक वन पेंशन स्कीम जैसी योजना पर हर हाल में आगे बढ़ने का वादा किया तो हाल ही में आए परीक्षाओं के रिजल्ट में फेल छात्र-छात्राओं की हिम्मत बढ़ाते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रधानमंत्री ने अपने निजी जीवन के भी कई उदाहरण छात्र-छात्राओं के सामने रखे। इस दौरान उन्होंने कई महापुरुषों के जीवन दर्शन को भी छात्रों के सामने रख उनका मनोबल बढ़ाया।
हर बार की तरह मोदी ने इस बार भी अपने निराले अंदाज में विभिन्न पहलुओं को छुआ। मोदी ने परीक्षाओं में फेल हुए छात्र-छात्राओं का मनोबल बढ़ाने पर खास जोर दिया। उन्होंने फेल होने वाले छात्रों से कहा कि जीवन में सफलता असफलता हमेशा चलती रहती है, ये जीवन के एक सिक्के के दो पहलू हैं।
ऐसे में अभी हिम्मत हारने की जरूरत नहीं है। उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि मैं एक पायलट बनना चाहता था लेकिन नहीं बन पाया। यही असफलता मेरे लिए अवसर बन गई और आज मैं आप लोगों के सामने हूं।
वन रैंक वन पेंशन पर दिलाया भरोसा
वहीं उन्होंने रिटायर्ड सैन्य कर्मियों की लंबे समय से चली आ रही समस्या वन रैंक वन पैंशन पर भी पहली बार खुलकर अपना रुख स्पष्ट किया। मोदी ने कहा कि हमारी सरकार इस पर हर हाल में बढ़ेगी, हालांकि उन्होंने माना यह इतना सरल नहीं है जितना मैं समझता था, लेकिन इस पर जल्द निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने इस समस्या को 40 साल लटकाए रखने के लिए पूर्ववर्ती सरकारों की आलोचना भी की। मोदी ने अपनी एक साल की सरकार की उलपब्धियों का भी इस दौरान वर्णन किया। कहा कि सालभर में सरकार ने पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी से अपना काम किया, जिससे देश आगे बढ़ा है।
इस दौरान उन्होंने अपनी खासी चर्चित प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और अटल पेंशन योजना का विशेष जिक्र किया। किसानों के लिए न्यूज चैनल खोलने की जरूरतों पर भी बात की।
देश में पड़ रही भयंकर गर्मी और उससे होने वाली मौतों पर भी प्रधानमंत्री ने चिंता जताई। उन्होंने लोगों से अपनी सेहत का ख्याल रखने के लिए भी कहा।
योग दिवस मनाने की अपील
पीएम ने कहा कि उनकी सरकार के महज सौ दिनों के अंदर 177 देशों ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि इसने देश का नया गौरव दिया है। यह विश्व कल्याण के लिए चेतना का काम करेगी। उन्होंने लोगों से 21 जून को बढ़ चढ़ कर योग दिवस मनाने की अपील की।
असफलता को अवसर बनाएं छात्र
पीएम मोदी ने 10वीं और 12वीं की परीक्षा में सफल रहे छात्रों के साथ ही असफल रहे छात्रों को बधाई देते हुए असफलता से सीख लेने का मंत्र दिया। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का जिक्र करते हुए कहा कि कभी कभी असफलता भी सफलता के नए द्वार खोलती है। उन्होंने कहा कि कलाम साहब पायलट बनना चाहते थे, मगर फेल हो गए। इसके बाद वह देश के महान वैज्ञानिक बनने के साथ राष्ट्रपति भी बने। देश को परमाणु शक्ति संपन्न बनाया। यह बताता है कि जो विफलता को अवसर बनाता है, वह सफलता का शिलान्यास भी करता है।
गर्मियों में एहतियात बरतने को कहा
पीएम ने कार्यक्रम के दौरान पड़ रही भीषण गर्मी की भी चर्चा की। उन्होंने लोगों से खुद की देखभाल करने के साथ ही पशु-पक्षियों को भी पीने के लिए पानी उपलब्ध कराने की बात कही।