जोशी पलटे बोले छोड़ दूंगा सीट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उम्मीद है कि वाराणसी सीट से प्रधानमंत्री उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के चुनाव लड़ने को लेकर भाजपा में काफी दिनों से चल रहा विवाद आज खत्म हो जाएगा। खबर के मुताबिक भाजपा ने पार्टी के अंदर चल रहे अंदरूनी कलह को सुलझा लिया है और मुरली मनोहर जोशी वाराणसी सीट छोड़ने को राजी हो गए हैं।
माना जा रहा है कि आगामी लोकसभा चुनाव नरेंद्र मोदी अब वाराणसी सीट से लड़ेंगे और मुरली मनोहर जोशी को कानपुर सीट से टिकट दिया जाएगा।
वाराणसी सीट से मौजूदा सांसद और बीजेपी के कद्दावर नेता जोशी आज इस संदर्भ में एक प्रेस कांफ्रेंस भी कर सकते हैं। शनिवार को हुए भाजपा के चुनाव समिति की बैठक में इस मुद्दे को लेकर काफी विवाद हुआ था।
'मोदी को नहीं आने देंगे आंच'
ऐसी रिपोर्ट हैं कि वाराणसी सीट से मोदी चुनाव लड़ सकते हैं जबकि अभी इस सीट से जोशी सांसद हैं। रिपोर्टों के अनुसार कल भाजपा की केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक में जोशी ने इस सीट का मुद्दा उठाया था।
जोशी-राजनाथ के बीच हुई थी बहस
इससे पहले बीजेपी चुनाव समिति की बैठक में मुरली मनोहर जोशी और राजनाथ सिंह के बीच बहस भी हो गई थी। जोशी ने राजनाथ से पूछा था कि वाराणसी सीट पर अपना रुख साफ क्यों नहीं करते?
डॉ जोशी चाहते थे कि पार्टी वाराणसी से उन्हें सार्वजनिक रूप से उम्मीदवार घोषित कर दे।
इस बैठक के दौरान वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज ने भी कई नेताओं के सीट बदलने की योजना का विरोध कर डॉ जोशी का साथ दिया। इसके बाद दोनों नेता अपने अपने संसदीय क्षेत्र में जाने की बात करते हुए बैठक को बीच में ही छोड़ कर रवाना हो गए।
सीट पर विवाद
पिछले काफी वक्त से ये माना जा रहा था कि मोदी लखनऊ या वाराणसी से लड़ सकते हैं। लखनऊ से लालजी टंडन और वाराणसी से मुरली मनोहर जोशी बीजेपी के सांसद हैं और मोदी के लिए सीट खाली करने को तैयार नहीं थे।
विवाद की जड़ मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश है। पार्टी वाराणसी से मोदी को उतारने की इच्छुक है तो पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह लखनऊ से चुनाव लड़ना चाहते हैं।
विवाद के निपटारे के लिए जोशी को वाराणसी के बदले कानपुर या नैनीताल सीट से लड़ने और इससे पहले राज्यसभा भेजे जाने का भी प्रस्ताव दिया गया था।
मुझे पार्टी का हर फैसला मंजूर
जोशी ने यहां अपने आवास पर संवाददाताओं के सवालों पर कहा कि वह कहां से चुनाव लडेंगे यह फैसला पार्टी करेगी। उन्होंने कहा कि 13 मार्च को पार्टी संसदीय बोर्ड की बैठक में सब साफ हो जायेगा और इस बैठक में मोदी भी होंगे।
उन्होंने कहा कि वह पार्टी के अनुशासित सिपाही हैं और पार्टी का हर फैसला उन्हें मंजूर होगा।
साथ ही जोशी ने उम्मीद जताई कि संसदीय बोर्ड की बैठक में कोई ऐसा फैसला नहीं होगा जिससे पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी तथा पार्टी की प्रतिष्ठा पर असर पडे़।