जानिए मोदी कैसे बने सोशल मीडिया के बेताज बादशाह
आप नरेंद्र मोदी से इत्तफाक न भी रखते हों तो भी इस बात पर एकराय होंगे कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल कब और कैसे करना है, ये उनसे बेहतर कोई नेता नहीं जानता।
अपने एक साल के कार्यकाल में मोदी ने विदेश यात्राओं और विभिन्न अभियानों के लिए सोशल मीडिया का बेहतरीन इस्तेमाल किया। ये कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि मोदी ने सोशल मीडिया को एक सीढ़ी की तरह इस्तेमाल करके विश्व में लोकप्रियता के जिस शिखर को छुआ है, वैसा करने में दूसरे भारतीय नेताओं को वक्त लग जाएगा।
मोदी के सोशल मीडिया प्रेम की बानगी हर जगह दिखती है। चाहे वो चुनाव प्रचार हो या वोटिंग सेल्फी, सरकारी अभियान हों या विदेशी दौरे, उन्होंने सोशल मीडिया का बखूबी इस्तेमाल किया। इसी वजह से न्यूयॉर्क टाइम्स ने मोदी को 'सोशल मीडिया पोलिटिशियन' कहा था।
मोदी का नहीं है सोशल मीडिया का आइडिया
भारत के चुनावी इतिहास में पिछला लोकसभा चुनाव पहला चुनाव था, जिसमें सोशल मीडिया ने अहम रोल अदा किया। लेकिन आप जानकर हैरान होंगे कि सोशल मीडिया को हथियार बनाकर चुनाव लड़ने का आइडिया मोदी का खुद का नहीं था।
मोदी ने अमेरिका में बराक ओबामा के चुनाव अभियान को गौर से देखते हुए सोशल मीडिया के हुनर को पहचाना। जब बराक ओबामा ने वर्चुअल वर्ल्ड में 'यस वी कैन' का नारा लगाया तभी मोदी ने सोशल मीडिया में 'अबकी बार मोदी सरकार' का नारा बुलंद करने की ठानी।
मोदी ने बारीकी से अमेरिकी चुनाव को देखा और पाया कि वहां नेता अपने प्रचार के लिए सोशल मीडिया का बखूबी इस्तेमाल करते हैं। मोदी ने देखा कि अमेरिका जैसे देश में जहां लोगों के पास रैली में जाने का वक्त नहीं, सोशल मीडिया एक चुनावी रैली से कहीं ज्यादा कारगर है। भारत जैसे देश में हजारों लाखों खर्च करके रैली करने की अपेक्षा मोदी को ट्विटर और फेसबुक ज्यादा कारगर लगे, जो वोटरों के एक बड़े वर्ग तक सीधी पहुंच रखते हैं।
बाकायदा सोशल मीडिया की टीम
वर्चुअल दुनिया में मोदी की सक्रियता इस वजह से भी सफल रही कि इसके तहत सूचनाएं बहुत तेजी से और चौतरफा फैलती हैं। मोदी से जुड़े नारे और मोदी के व्यक्तित्व को महिमामंडित करने वाले जुमले व्हाट्सएप के जरिए सर्कुलेट किए गए। दूसरी ओर ट्विटर पर भी मोदी से जुड़ी जानकारियां प्रसारित की जाती रही।
हालात ये थे कि हर रोज मिनटों में मोदी के ट्विटर हैंडल से लाखों ट्वीट हुए। वोटों की गिनती यानि 16 मई के दिन मोदी के फॉलोवर्स की संख्या 39.87 लाख थी और दिन खत्म होते होते ये संख्या 40.2 लाख तक पहुंच गई थी।
एक दिन में इतने फॉलोवर्स हासिल करना अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। मोदी ट्विटर पर अपने फॉलोअर को लेकर बेहद सजग रहते हैं। यहां तक कि ट्विटर पर पूछे गए सवालों का जवाब भी मोदी खुद ही देते है।
ट्विटर के साथ ही नरेंद्र मोदी फेसबुक पर भी उतने ही सक्रिय है। मोदी के पेज पर एक दिलचस्प बात ये है कि यहां उनके फॉलोवर्स के बराबर उनके बारे में बात करने वाले होते हैं। 16 मई को जीत के बाद डाली गई मोदी की तस्वीर को लाखों लाइक्स मिले। यहां उनकी रैलियों से लेकर कार्यक्रमों तक सभी जानकारियां फेसबुक पर अपडेट होती रही।
सेल्फी का सुरूर
पूरी दुनिया में सेल्फी का नया ट्रेंड शुरु हुआ है और नरेंद्र मोदी भी अपनी सेल्फी शेयर करने से कतराते नहीं है। आपको याद होगा कि वडोदरा में वोट देने के बाद मोदी जब वोटिंग बूथ से बाहर आए तो उन्होंने बाकायदा बड़े ही अंदाज से कमल के फूल के लोगो के साथ एक सेल्फी ली और उसे ट्विटर पर पोस्ट कर दिया। ये सेल्फी तुरंत ही वायरल हो गई और इस पर बेतहाशा रिट्वीट हुए। हालात ये थे की मोदी की सेल्फी ट्विटर पर टॉप ट्रेंड करने लगा।
सेल्फी की बात करें और मोदी की मां का जिक्र न हो, ये संभव नहीं। ट्विटर पर मोदी की सेल्फी के ट्रेंड को उनकी मां ने ही पीछे छोड़ दिया और हीराबेन से आशीर्वाद लेते मोदी की तस्वीर सोशल मीडिया पर हीरो की तरह बिहेव करने लगी।
इतना ही नहीं मोदी जब भी विदेश दोरों पर गए उन्होंने सेल्फी सोशल मीडिया पर जरूर पोस्ट की। पीएम बनने के बाद मोदी जितने भी देशों की यात्रा पर गए, उन्होंने हर देश की यात्रा के दौरान सांस्कृतिक गतिविधियों को अपनी वॉल पर शेयर किया।
इंस्टाग्राम पर भी छाए मोदी
फेसबुक और ट्विटर पर बेहतर रिस्पॉन्स को देखते हुए पिछले साल नरेंद्र मोदी इंस्टाग्राम पर भी अवतरित हुए। आसियान शिखर सम्मेलन से ठीक पहले मोदी इंस्टाग्राम पर आ गए।
अपने ट्विटर अकाउंट पर जारी संदेश में कहा, "नमस्कार मित्रों... इंस्टाग्राम पर होना अच्छा लग रहा है... मेरा पहला फोटो... पईताव में हो रहे आसियान शिखर सम्मेलन से..."
विदेशी पिच पर मोदी का चौका
विदेशी धरती पर खासे लोकप्रिय कहे जा रहे मोदी ने विदेशी नेताओं पर भी अपनी छाप छोड़ी है। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने ट्विटर पर 20 मई को मोदी को आम चुनाव में जीत की बधाई अंग्रेजी में दी।
शिंजो की अंग्रेजी के प्रति खुन्नस जगजाहिर है और वो अपना सारा कामकाज जापानी भाषा में करते हैं। लेकिन सिर्फ मोदी को बधाई देने के लिए इस नेता ने अंग्रेजी के प्रति अपनी खुन्नस को परे रख दिया।
मोदी की जीत पर विश्व भर के नेताओं ने सोशल मीडिया के जरिए ही अपनी अपनी शुभकामनाएं भेजी। इनमें ऑस्ट्रेलिया के पीएम टोनी अबॉट, ब्रिटिश पीएम डेविड कैमरन, श्रीलंका के तत्कालीन राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे और सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली हेजिंग लूंग ने भी ट्विटर पर उन्हें बधाई दी।
चीन को भी कर दिया चकित
जहां तक अन्तरराष्ट्रीय सोशल मीडिया की बात है, ट्विटर और फेसबुक ने मोदी को हाथों हाथ लिया। लेकिन मोदी ने हाल ही में लोकप्रिय चीनी सोशल माइक्रोब्लॉगिंग साइट सिना वेइबो पर भी रजिस्टर करके लोगों को चौंकाया।
खुद चीनी भी भारतीय पीएम की वेइबो पर मौजूदगी पर चौंक गए। मोदी वेइबो पर ज्वाइन करने वाले पहले भारतीय नेता हैं।
वेइबो पर रजिस्टर करने के बाद मोदी ने वॉल पर लिखा हैलो चाइना। वेइबो पर लागइन करने के साथ ही मोदी की वाल पर अच्छा खासा रिएक्शन देखा गया। खुद चीन के राष्ट्रपति ने वॉल पर जाकर मोदी की सराहना की।
हालांकि ये अलग बात है कि वेइबो पर अपना रुख रखते समय मोदी को खासा सतर्क रहना होगा क्योंकि यहां रजिस्टर करने के बाद से ही मोदी की तारीफ के साथ साथ जमकर आलोचना भी हो रही है। खासकर तिब्बत, दलाई लामा और अरुणाचल के मुद्दे पर चीनी जनता मोदी के खिलाफ जोरदार कमेंट कर रही है।
टीम इंडिया का बढ़ाया मनोबल
मोदी केवल चुनावी रणनीति के लिए सोशल मीडिया का उपयोग नहीं कर रहे। हाल ही में हुए क्रिकेट के वर्ल्ड के मुकाबलों में टीम इंडिया की हर जीत पर मोदी ने जोशोखरोश के साथ ट्वीट किए। मोदी ने मोहम्मदी शमी, मोहित शर्मा, मोहित शर्मा और अन्य खिलाड़ियों के नाम लेकर उन्हें शुभकामनाएं दी।
खास बात ये रही कि जनता के बीच सहज होते हुए मोदी ने इन क्रिकेटरों को उनके लोकप्रिय नामों से संबोधित किया। मोदी ने महेंद्र सिंह धोनी को मिस्टर कूल, भुवनेश्वर कुमार को भुवी और रवींद्र जडेजा को सर जडेजा कहने में कोई गुरेज नहीं किया।
मोदी का ट्वीट -
As the 2015 Cricket World Cup begins, my best wishes to the Indian Cricket Team. खेलो दिल से, वर्ल्ड कप लाओ फिर से!
इस ट्वीट के बाद मोदी ने क्रिकेट के महासमर में उतरे हर भारतीय खिलाड़ी के लिए अलग अलग ट्वीट करके उन्हें बेस्ट ऑफ लक कहा।
कुछ इन मुद्दों पर भी बोलिए मोदी साहब !
कई लोग मानते हैं कि मोदी हर मुद्दे पर सोशल मीडिया में अपनी राय जरूर रखते हैं। लेकिन हकीकत कुछ अलग कहानी कहती है। कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने मोदी की सोशल मीडिया पर "अति सक्रियता" की सच्चाई बयां की है।
शंकर कहते हैं 'जब देश भर का किसान अपनी फसल खराब होने पर आत्महत्या कर रहा था तब मोदी ट्विटर पर किसानों से आत्महत्या न करने की अपील कर रहे थे। अब भला किसान ट्विटर पर क्या करेगा। हाईटेक मोदी भूल गए कि किसान के बीच जाकर उसके कंधे पर हाथ रखकर उसका दुख बांटा जा सकेगा न कि ट्विटर पर अपील करके।'
अपने एक तीखे लेख में शंकर ने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा में रोजेदार कैंटीन संचालक के मुंह में रोटी ठूंसने का मामला हो या भाजपा सरकार के एक मंत्री पर लगे बलात्कार के आरोप, मोदी इन मसलों पर सोशल मीडिया में कुछ नहीं लिखते।
विश्व कप खेल रही भारतीय क्रिकेट टीम को तो मोदी ट्विटर पर भर भर कर बधाई देंगे लेकिन तेलंगाना में उनकी ही पार्टी का विधायक टेनिस में देश का नाम ऊंचा करने वाली सानिया मिर्जा के खिलाफ अपमानजनक बोल बोलेगा तो मोदी का ट्विटर हैंडल साइलेंट मोड में चला जाता है।
सोशल मीडिया पर इस तरह बढ़ी मोदी की लोकप्रियता
ट्विटर पर मोदी बराक ओबामा और पोप फ्रांसिस के बाद तीसरे सबसे चर्चित व्यक्ति हैं।
फेसबुक पर मोदी को पसंद करने वालों का आंकड़ा 28 मिलियन पार कर चुका है।
ट्विटर पर मोदी के फॉलोअर 12 मिलियन हो चुके हैं।
आम चुनाव में मोदी की जीत के ट्वीट पर 70 हजार रिट्वीट किए गए। यह अपने आप में एक रिकार्ड है।
भारत में आम चुनावों की मतगणना के दिन ट्विटर पर मोदी के फॉलोअर की संख्या में 1, 04, 861 बढ़ गई।
मतगणना के दिन ट्विटर पर मोदी का नाम 0.73 मिलियन बार टैग किया गया जो रिकार्ड है।
फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने मोदी के पेज को लाइक किया है।