भारत आने से पहले ओबामा ने मोदी पर दिया बड़ा बयान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत के अपने तीन दिवसीय दौरे से ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पाकिस्तान को कड़ी नसीहत देते हुए कहा है कि इस मुल्क को आतंकवादियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं बनने देंगे और उसे मुंबई आतंकी हमले के दोषियों को सजा दिलानी होगी।
उन्होंने कहा कि अमेरिका सभी लोगों की समृद्धि, गरिमा और अधिक से अधिक सुरक्षा के लिए भविष्य में भारत के साथ काम करता रहेगा। उन्होंने दूसरी बार भारत का दौरा करने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति होने और गणतंत्र दिवस समारोह का मुख्य अतिथि बनाए जाने पर गर्व महसूस करने की बात भी कही।
एक भारतीय मीडिया समूह को ई-मेल से दिए साक्षात्कार में ओबामा ने कहा कि जिस तरह न्यूयॉर्क में हुए 9/11 हमले में भारतीय मारे गए थे, ठीक वैसे ही मुंबई हमले में अमेरिकी भी मारे गए।
आतंकवादी गुटों के खिलाफ जंग के प्रति अपने देश की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए भले अमेरिका पाकिस्तान के साथ काम कर रहा हो लेकिन उसकी सरजमीं का आतंकवादियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बने रहना अस्वीकार्य है और मुंबई आतंकी हमले के पीछे जिनका भी हाथ है, उन्हें न्याय के कठघरे में लाना ही होगा।
सम्मानित महसूस कर रहा हूं न्यौता मिलने पर
उनके इस बयान को काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि नवंबर 2008 के आतंकी हमले के दोषियों को सजा दिलाने में नाकाम पाकिस्तान के रवैये को लेकर नए सिरे से सवाल उठने लगे हैं। ये सवाल पाक जेल में बंद इस हमले के मास्टर माइंड जकीउर रहमान लखवी को जमानत मिलने के चलते उठे हैं।
भारतीय नागरिकों के साथ एकजुटता का संदेश देते हुए ओबामा ने कहा कि हम अपने जीवन की रक्षा और अपनी सुरक्षा के लिए एक साथ हैं। उन्होंने 2010 की यात्रा के दौरान मुंबई के ताज होटल के दौरे का भी जिक्र किया। साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने साक्षात्कार में भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता दिए जाने का भी समर्थन किया।
सही मायनों में अमेरिका-भारत वैश्विक सहयोगी
भारत के साथ मिलकर काम करने पर ओबामा ने कहा कि दोनों देशों के संबंध 21वीं सदी के लिए उदाहरण बन सकते हैं। दोनों देश सही मायनों में वैश्विक सहयोगी हैं। दोनों के पास लोकतंत्र है, उद्यमी समाज है और विज्ञान, तकनीक की दुनिया में दोनों आगे हैं।
उन्होंने कहा कि वह इस इस दौरे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ठोस काम करने के अवसर के तौर पर देखते हैं और इससे दोनों देशों के बीच संबंधों के नए युग की शुरुआत करने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कंपनियां भारत में आधारभूत ढांचे को बेहतर करने के लिए तैयार हैं जिससे भारत के विकास की रफ्तार तेज होगी। हम साफ हवा, पेयजल और ज्यादा बिजली को लेकर प्रधानमंत्री मोदी की कोशिशों में मदद कर सकते हैं।
मोदी के मुरीद हुए ओबामा
ओबामा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने मोदी के चाय वाले से पीएम बनने तक के सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सफलता हासिल करने को लेकर भारतीयों की इच्छाशक्ति को दिखाता है। उन्होंने कहा कि भारत को क्या हासिल करना है, इसको लेकर मोदी का विजन एकदम स्पष्ट है। मैं उनकी ऊर्जा से काफी प्रभावित हूं। साथ ही इस बात से भी प्रभावित हूं कि वह विकास के मार्ग में रोड़े अटकाने वाले मुद्दों को तत्काल दूर करने को तैयार रहते हैं।
जमात-उद-दावा पर प्रतिबंध की पुष्टि नहीं
वाशिंगटन। मुंबई हमलों के मास्टर माइंड हाफिज सईद के आतंकी संगठन जमात-उद-दावा और खतरनाक हक्कानी नेटवर्क पर पाबंदी की अमेरिका ने पुष्टि नहीं की है। अमेरिका ने कहा कि उसके पास जमात और हक्कानी जैसे खतरनाक आतंकी संगठनों पर पाक की ओर से प्रतिबंध लगाने की ठोस जानकारी नहीं है।
खूब रंग लाएगी ओबामा-मोदी की दोस्ती
जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा साथ-साथ होंगे, तब लोग यही कहेंगे कि एक पूर्व हिंदू कार्यकर्ता रह चुका है, जबकि दूसरा, कानून का पूर्व प्रोफेसर। फिर भी दोनों के बीच क्या गजब का तालमेल है।
जब मोदी अमेरिका यात्रा पर गए थे, तब ओबामा अपने व्यस्त कार्यक्रम में से समय निकालकर 15 मिनट के लिए मोदी को मार्टिन लूथर किंग जूनियर मेमोरियल दिखाने पहुंच गए थे। कार्नेगी एनडाउमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस से जुडे़ सीनियर एसोसिएट एश्ले टेलिस कहते हैं कि मोदी ओबामा की दोस्ती भारत अमेरिका दोनों के लिए फायदेमंद है।