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यूरोपीय संसद में दिखेगा नरेंद्र मोदी का जलवा

अहमदाबाद/एजेंसी Updated Sun, 10 Feb 2013 08:49 PM IST
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modi invited to attend european parliament in brussels

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नरेंद्र मोदी का बढ़ता प्रभाव नई सीमाएं छू रहा है। बीते दिनों यूरोपीय संघ ने गुजरात के मुख्यमंत्री का एक दशक पुराना बायकॉट खत्म किया था। अब यूरोपीय सांसदों ने उन्हें इस साल ब्रुसेल्स में होने वाली अपनी संसदीय बैठक में शामिल होने का न्यौता दिया है। मोदी ने अपने ब्लॉग में यह बात लिखी है। यूरोपीय संसद में यूरोप के 27 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
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मोदी ने रविवार को यूरोपियन सांसदों से ऑनलाइन बातचीत की। ये सांसद बंगलूरू में ‘दसवीं कारपोरेट कल्चर एंड स्प्रिच्यूलिटी इंडिया कॉन्फ्रेंस’ में हिस्सा ले रहे थे। इन सांसदों ने मोदी के राज्य के विकास की जबर्दस्त तारीफ की और मोदी को बधाई दी।


ब्लॉग के अनुसार मोदी ने यूरोपीय सांसदों को राज्य सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उठाए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने सांसदों को बताया कि गुजरात भारत का पहला और दुनिया के चुनिंदा राज्यों में से है जहां जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज) को लेकर अलग विभाग बनाया गया है।

सौर ऊर्जा की दिशा में गुजरात की प्रगति पर मोदी ने उन्हें जानकारी देते हुए बताया कि एशिया का सबसे बड़ा सोलर पार्क पाटन के चरणका में है। पवन ऊर्जा समेत अक्षय ऊर्जा की दिशा में गुजरात द्वारा किए जा रहे काम की जानकारी भी मोदी ने यूरोप के प्रतिनिधियों को दी। मोदी से बातचीत करने वालों में ब्रिटेन, रूस, जर्मनी, बेल्जियम, सर्बिया समेत कई देशों के सांसद शामिल थे।

उल्लेखनीय है कि बीती सात फरवरी को मोदी ने यूरोपीय यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ दिल्ली में भोज किया था। जिसमें इन देशों ने मोदी का बायकॉट खत्म करने की घोषणा की थी। रविवार की बातचीत में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर भी शामिल हुए। उन्होंने मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में गुजरात लगातार प्रगति के पथ पर बढ़ रहा है।

गुजरात-श्रीलंका को जोड़ने की योजना
मोदी ने अपनी एक महत्वाकांक्षी परियोजना के बारे में यूरोपीय सांसदों को बताया कि वह गुजरात और श्रीलंका को सीधे जोड़ने की तैयारी में हैं। उन्होंने कहा कि वह गुजरात से सीधे श्रीलंका तक ‘राम मार्ग’ बनाने की परियोजना पर काम कर रहे हैं। ऐसी प्रस्तावित योजना श्रीलंका की भी है, जो गुजरात से सीधे जुड़ने के लिए ‘बुद्ध मार्ग’ पर विचार कर रहा है।

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