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केंद्र कराएगा जासूसी कांड की जांच

Thu, 26 Dec 2013 06:39 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 26 Dec 2013 06:39 PM IST
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modi in problem, centre decide to investigate snoopgate of gujarat

भाजपा के पीएम पद के दावेदार और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को गुरुवार को तगड़ा झटका लगा। केंद्र सरकार ने जासूसी कांड की जांच एक जांच आयोग के माध्यम से कराने का फैसला किया है।

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यह कांड बीते कुछ दिनों से मोदी के गले की हड्डी बना हुआ है। दरअसल, यह मामला एक युवती की गैरकानूनी जासूसी से जुड़ा है, जिसमें सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल हुआ।
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सीनियर आईएएस अधिकारी प्रदीप शर्मा की जासूसी का आरोप भी लगाया गया है। कैबिनेट ने इस मामले में अब जांच आयोग के गठन का फैसला किया है।

इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने इस फैसले का स्वागत करते हुआ कहा कि यह काफी पहले हो जाना चाहिए था।

केंद्र सरकार के इस फैसले की बीजेपी ने निंदा की है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने कहा है कि वो केंद्र सरकार के इस फैसले को कोर्ट में चुनौती देंगे क्योंकि यह विषय राज्य सूची का मामला है।
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उधर बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि मोदी को कांग्रेस की तरफ से परेशान करना, कोई नई बात नहीं है। मोदी कभी भी किसी के दबाव में नहीं आते।

भाजपा ने कांग्रेस को कहा फासीवादी
इस पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेता निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह कांग्रेस की फासीवादी मानसिकता का प्रतीक है। आम लोग उसके खिलाफ हैं, लेकिन वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे।

निर्मला ने कहा कि कांग्रेस बौखला गई है और मोदी को जबरन फंसाने की राजनीतिक साजिश रच रही है। जांच का अधिकार राज्य को होता है और इस मामले में पहले ही जांच शुरू हो चुकी है, जिसमें रिटायर जज शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सीखने का नाम नहीं ले रही। लोकतंत्र में राजनीतिक विरोधियों से चुनावों में निपटा जाता है, जबकि वह वह सीबीआई और दूसरी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है।

'साहेब' लपेटे में
ऐसा बताया जा रहा है कि यह जासूसी मोदी के बेहद करीबी अमित शाह के इशारे पर हुई, जो उस वक्त गुजरात के गृह मंत्री थे।

इस सर्विलांस की जिन टैप का खुलासा हुआ है, उनमें शाह और गुजरात के आला अधिकारी बार-बार किसी साहेब का जिक्र कर रहे हैं। विरोधियों का कहना है कि यह साहेब कोई और नहीं, बल्कि मोदी हैं।

इस युवती को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार की तरफ से हुई गैरकानूनी सर्विलांस पर खड़े बवाल में बुधवार को नया मोड़ आया था।

इनवेस्टिगेटिव वेबसाइट गुलेल ने दावा किया है कि उसके पास 39 नए सीक्रेट टैप हैं, जिससे पता चला है कि युवती पर गुजरात से बाहर भी निगाह रखी गई थी।

ऐसा कहा जा रहा है कि नए टैप से साफ हो रहा है कि सरकारी मशीनरी की मदद से हुए इस सर्विलांस का लक्ष्य युवती को बचाना नहीं, बल्कि उसका पीछा करना और उसकी निजी जिंदगी में तांकझांक करना है।

'साहेब तक पहुंचाई गई जानकारी'
गुलेल का दावा है कि पिछले टैप की तरह नए वालों में भी इस गैरकानूनी ऑपरेशन में शामिल अधिकारी जी एल सिंघल, ए के शर्मा और अमित शाह यह जानकारी अपने से किसी सीनियर तक पहुंचाने की बात कर रहे हैं, जिन्हें बार-बार साहेब कहा गया।


ऐसा भी माना जा रहा है कि इस मामले की जांच के लिए आयोग गठित करने का फैसला मोदी को घेरने की कोशिश है, जो आगामी लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

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