फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   modi has no right to expliot on poors right

संघ प्रचारक बोले- 'यूपीए सरकार डरती थी, लेकिन ये सुनते नहीं'

Mon, 01 Jun 2015 08:22 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Mon, 01 Jun 2015 08:22 PM IST
विज्ञापन
modi has no right to expliot on poors right

(फोटो साभार इंडियन एक्सप्रेस)

विज्ञापन

मोदी पर अब केवल विपक्ष ही नहीं बल्कि उनके अपने भी सवाल उठाने लगे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक और उससे जुड़े भारतीय मजदूर संघ के दिग्गज नेता और संगठन मंत्री केसी मिश्रा ने कहा है कि अगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मजदूरों की मदद नहीं कर सकते तो उन्हें मजदूरों से कुछ छीनने का हक भी नहीं है।

उन्होंने कहा कि मोदी गरीबी को नहीं समझते। उन्होंने पश्चिमी भारत की गरीबी देखी है लेकिन पूर्वी भारत की गरीबी नहीं देखी है।केसी मिश्रा संघ के 22 वरिष्ठ प्रचारकों में से एक हैं जो भारतीय मजदूर संघ के संगठन मंत्री हैं।
विज्ञापन


उन्होंने एक अंग्रेजी अखबार को दिए साक्षात्कार में कहा कि भारत के पश्चिमी हिस्से में जहां लोगों के पास घर है, कार है लेकिन वो अपने घर में नया मंजिल नहीं जोड़ सकते तो वो भी वहां गरीब माने जा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

हमें भाजपा से ही लड़ना पड़ता है

modi has no right to expliot on poors right

लेकिन पूर्वी भारत के झारखण्ड, उड़ीसा पश्चिम बंगाल बिहार औऱ पूर्वोत्तर के राज्यों में गरीबी वो है जहां एक आदमी मिर्च और नमक के साथ चावल खाकर जिंदा रहता है। भारतीय मजदूर संगठन भारत का सबसे मजदूर संगठन है। मिश्रा ने कहा कि हम हर बार भाजपा को वोट करते हैं लेकिन हमें अपने लिए भाजपा की सरकारों से ही लड़ना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह कि सरकार थोड़ा डरती भी थी लेकिन ये लोग बात करने को ही तैयार नहीं हैं। हमने इन्हें कई पत्र लिखे हैं लेकिन उनका कोई जवाब आज तक नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि हमारा उनसे यही अनुरोध है कि अगर आप गरीबों का भला नहीं कर सकते तो कम से कम बुरा तो मत करो।

उन्होंने कहा कि हम मेक इन इंडिया के विरोध में हैं। क्योंकि इससे छोटे, लघु और कुटीर उद्योगों की मौत हो जाएगी। उन्होंने सभी राजनैतिक दलों की ओर इशारा करते हुए कहा कि अगर वो इन्हें कुछ दे नहीं सकते, तो उनका अधिकार छीनने का हक किसी के पास नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed