'पुराने हथियार' से संसद में विपक्ष से जीतेगी सरकार
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केंद्र की मोदी सरकार भले ही ललित मोदी विवाद पर सब कुछ सामान्य होने का दिखावा कर रही हो लेकिन इस मसले को लेकर संसद के मानसून सत्र के धुलने का अंदेशा उसे भी है।
सरकार के रणनीतिकारों का मानना है कि कांग्रेस ललित मोदी विवाद में घिरे लोगों के इस्तीफे की मांग को लेकर मानसून सत्र को चलने नहीं देगी। ऐसे में उसने एक बार फिर से अहम बिलों पर अध्यादेश के सहारे आगे बढ़ने की रणनीति तैयार की है।
सरकार की ओर से मानसून सत्र में भूमि अधिग्रहण और जीएसटी विधेयक लाने की तैयारी थी। मगर विपक्ष के रवैये को देखते हुए सरकार के रणनीतिकार एक बार फिर से अहम बिलों पर अध्यादेश के जरिए आगे बढ़ने की तैयारी में हैं। बताया जा रहा है कि सरकार चौथी बार भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को आगे बढ़ाएगी।
शिवसेना के बयान पर खुश है कांग्रेस
हालांकि सरकार के रणनीतिकार यह मानकर चल रहे हैं कि ललित मोदी विवाद को महज कांग्रेस ही हवा दे रही है। इस मामले पर उसे विपक्ष के अन्य दलों का समर्थन नहीं है लेकिन कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला का नजरिया सरकार से अलग है।
उनका कहना है कि वामदल, जदयू और राजद सरीखे दल भी अपने-अपने तरीके से ललित मोदी विवाद को उठा रहे हैं। संसद में विपक्ष की एकता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कांग्रेस ने उल्टा सरकार के सहयोगी दलों में फूट की बात कही है। पार्टी का इशारा शिवसेना के बयानों पर है। शिवसेना ने पंकजा मुंडे के मामले पर भाजपा को घेरा है।