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मोदी ने दिया कई सियासी दलों को झटका

Sat, 07 Mar 2015 08:38 AM IST
एम संजय/नई दिल्ली
एम संजय/नई दिल्ली Updated Sat, 07 Mar 2015 08:38 AM IST
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modi govt no to special status to states.

विशेष राज्य के दर्जे पर रोक लगाकर मोदी सरकार ने कई सियासी दलों के मंसूबों को झटका दिया है। सरकार के इस कदम पर उसके अपने सहयोगी दल भी हैरान हैं। सरकार की सहयोगी आंध्र प्रदेश की तेलुगू देशम पार्टी (तेदपा) ने इस कदम को झटका बताया है।

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खुद भाजपा भी राज्यों के पिछड़ेपन का हवाला देकर कई मौकों पर विशेष राज्य के दर्जे की मांग उठाती रही है लेकिन चौदहवें वित्त आयोग को ढ़ाल बनाकर सरकार ने विशेष राज्य के दर्जे के प्रावधान को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
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आने वाले समय में सरकार को प्रावधान खत्म करने का सियासी खामियाजा भी भुगतना पड़ सकता है। आंध्रप्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार से सरकार के खिलाफ आवाज उठने की सुगबुगाहट शुरू हो गई है।

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मोदी सरकार से नाराज क्षत्रप

modi govt no to special status to states.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 9 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने वाली हैं। आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू भी दिल्ली आने की तैयारी में हैं। उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने नीति आयोग की बैठक में ही प्रधानमंत्री के आगे इसका विरोध किया था। सियासी दलों का कहना है कि विशेष पैकेज के जरिये विशेष राज्य के दर्जे की पूर्ति नहीं की जा सकती है। वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा है कि अन्य विकल्पों के जरिये राज्यों की मदद की जाएगी।

इस संबंध में तेदपा सांसद राम मोहन नायडू ने कहा है कि राज्य बंटवारे में जो वायदे किए गए थे उसमें विशेष राज्य का दर्जा देने की बात थी। सरकार को आर्थिक मदद का वायदा पूरा करना होगा। जदयू नेता केसी त्यागी ने कहा है कि विशेष राज्य के दर्जे के प्रावधान को खत्म कर केंद्र सरकार ने बिहार की जनता के साथ छलावा किया है। उन्होंने कहा कि हम बिहार के विशेष राज्य के दर्जे की लड़ाई जारी रखेंगे।

बीजद सांसद भतृहरि मेहताब का कहना है कि वित्त आयोग के पास यह अधिकार नहीं है। विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करने के निर्णय का हक पहले योजना आयोग के हाथ में था तो अब यह नीति आयोग के हाथों में रहेगा।

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