संघ के एक और एजेंडे को आगे बढ़ाने में जुटी मोदी सरकार
मोदी सरकार संघ के एक और एजेंडे को आगे बढ़ाने का कदम बढ़ा चुकी है। सरकार ने हर किसान के घर तक पशु नस्ल सुधार कार्यक्रम पहुंचाने की योजना बनाई है।
सरकार का प्रयास इस योजना के जरिए ग्रामीण लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने के साथ उनकी आमदनी बढ़ाने की है। योजना को धरातल पर उतारने के लिए इसकी शुरूआत सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वनिल सांसद आदर्श गावों से हो रही है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सांसद आदर्श गावों को संवारने में जुटे अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस प्रयास को प्राथमिकता दें।
बताया जा रहा है कि इस अनूठी पहल में केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़, हरियाणा और मध्यप्रदेश सरीखे राज्यों की कई अहम योजनाओं के बेहतर पहलूओं को शामिल किया है।
गोपालों को तैयार करेगी सरकार
योजना के क्रियान्वयन से जुडे ग्रामीण विकास मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी के अनुसार यह कार्यक्रम इंटीग्रेटेड लाइव स्टॉक डेवलपमेंट (आईएलडी) केंद्र के जरिए संचालित होगी।
पहले चरण में हर सांसद आदर्श गावों में आईएलडी केंद्रों की स्थापना होगी। एक केंद्र से 5 से 8 किलोमीटर के गांव कवर किए जाएंगे।
किसान के दरवाजे तक पशु नस्ल सुधार कार्यक्रम को पहुंचाने के लिए हर आईएलडी केंद्र में गोपालों की नियुक्ति होगी। गोपाल के लिए सरकार ने स्थानीय और शिक्षित बेरोजगार युवक की अहर्ता तय की है।
इन गोपालों को चार महीने पशु चिकित्सा की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। उसके बाद उन्हें एक मोटरसाईकिल और जरूरी सामान मुहैया कराया जाएगा।
ताकि वे हर गांव में किसान के घर-घर पहुंच सकें। सूत्रों के अनुसार इन गोपालों को गाय और भैंस के नस्ल सुधार की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। ताकि गांव में कम दूध देने वाले पशुओं के नस्ल में सुधार कर ये उनके दूध देने की क्षमता को बढ़ावा दे सकें।
सरकार का आंकलन है कि पशुओं के दूध उत्पादन में वृद्धि होने से गांव और किसानों की आय बढ़ेगी। उससे उनके जीवन स्तर में भी सुधार होगा।