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मोदी ने तोड़ी रेल यात्रियों की उम्मीदें

Thu, 12 Jun 2014 11:37 AM IST
Updated Thu, 12 Jun 2014 11:37 AM IST
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modi govt decision about stopage of trains

नरेंद्र मोदी सरकार ने यूपीए सरकार के दौरान ट्रेनों को दिए गए अस्थायी ठहराव को स्थायी करने से हाथ खड़ा कर दिया है। जुलाई और अगस्त से उत्तर मध्य रेलवे क्षेत्र के स्टेशनों पर 127 ट्रेनों के ठहराव खत्म किए जा रहे हैं।

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रेलवे प्रशासन इसे यात्रियों की कमी बताकर खत्म कर रहा है लेकिन इसे लेकर बवाल की आशंका भी है।

जिन ट्रेनों के ठहराव खत्म किए गए हैं उनमें रीवांचल एक्सप्रेस और पुरुषोत्तम एक्सप्रेस का फतेहपुर, ऊंचाहार एक्सप्रेस का रूरा, कानपुर-इलाहाबाद इंटरसिटी का सिरसौल, मगध एक्सप्रेस का विन्ध्याचल और सीमांचल का मिर्जापुर स्टेशन पर स्टॉपेज भी शामिल है।
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यूपीए सरकार के फैसले को किया निरस्त

modi govt decision about stopage of trains

यूपीए सरकार के कार्यकाल में बड़ी संख्या में ट्रेनों को अस्थाई ठहराव दिए गए। इसमें ज्यादातर ट्रेनों के ठहराव छह-छह महीने के लिए बढ़ाए जाते रहे। स्थानीय सांसदों और यात्रियों की मांग पर उत्तर मध्य रेलवे क्षेत्र में 127 ट्रेनों को अतिरिक्त ठहराव मिले। इनके रुकने से यात्रियों की सुविधा भी बढ़ी। यात्रियों को उम्मीद थी कि एक-दो साल से रुक रही ट्रेनों का ठहराव अब रद्द नहीं होगा लेकिन यूपीए सरकार के जाते ही रेलवे प्रशासन ने पुराने फैसलों को एक झटके के साथ निरस्त कर दिया। इनमें से ज्यादातर ट्रेनें एक से तीन जुलाई और बची हुई ट्रेनें एक से 15 अगस्त के बीच में संबंधित स्टेशनों पर रुकना बंद कर देंगी।

नीलांचल एक्सप्रेस और गरीब नवाज एक्सप्रेस का फिरोजाबाद, ब्रह्मपुत्र मेल का शिकोहाबाद, गोमती एक्सप्रेस का झींझक, रूरा, पनकी व हाथरस, अलीगढ़ व खुर्जा में लिच्छवि, हाथरस में नीलांचल, राजा की मंडी में इलाहाबाद-जयपुर एक्सप्रेस, आगरा-लखनऊ इंटरसिटी, पुखरायां में राप्ती सागर एक्सप्रेस, गोरखपुर-एलटीटी और पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, गोरखपुर-सिकंदराबाद, गोरखपुर-बंगलौर एक्सप्रेस शामिल हैं।

चंबल एक्सप्रेस का बरवा सागर, साबरमती एक्सप्रेस का जाखल, तालबाहट, लखनऊ-दिल्ली शताब्दी का टूंडला स्टेशनों पर ठहराव रद हुआ है। सीपीआरओ नवीन बाबू का कहना है कि नई समय-सारिणी में ट्रेनों के ठहराव की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है।

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