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बेवजह नहीं लग रहे मोदी सरकार पर ‘नेम चेंजर’ के आरोप

Sun, 08 Mar 2015 11:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 08 Mar 2015 11:31 AM IST
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modi govt changed name of schemes.

नरेंद्र मोदी सरकार पर विपक्ष की ओर से ‘नेम चेंजर’ का आरोप यूं ही नहीं लग रहा है। सरकार ने दो दर्जन से ज्यादा स्कीमों को बदल दिया है। इस बार के आम बजट में इन बदलाव की जानकारी दी गई है।

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वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश आम बजट में सरकार ने सामाजिक विकास की योजनाओं में बड़ा बदलाव किया है। राष्ट्रीय ई-शासन योजना, पिछड़ा क्षेत्र अनुदान कोष, पुलिस बलों के आधुनिकीकरण, राजीव गांधी पंचायत सशक्तीकरण अभियान, निर्यात अवसंरचनाओं के विकास के लिए राज्यों की दी जाने वाली केंद्रीय सहायता, 6000 मॉडल स्कूल स्कीम, राष्ट्रीय खाद्य प्रसंस्करण मिशन और पर्यटन अवसंरचना सरीखी आठ स्कीमों को सरकार ने केंद्रीय सहायता से मुक्त कर दिया है।
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इनमें पिछड़ा क्षेत्र अनुदान कोष काफी अहम है। इसके जरिये पिछडे़ राज्यों को सरकार की ओर से विशेष वित्तीय मदद मिल जाती थी।

'मोदी सरकार गेम चेंजर नहीं नेम चेंजर'

modi govt changed name of schemes.

वहीं सरकार ने दो दर्जन पुरानी स्कीमों को परिवर्तित हिस्सेदारी के साथ जारी किया है। सरकार का कहना है कि 14वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार, केंद्र और राज्य के बीच निधि पोषण का तरीका बदल गया है। अब राजस्व व्यय राज्यों द्वारा वहन किया जाएगा।

मोदी सरकार ने केंद्र सरकार से पूर्णत: प्रायोजित स्कीमों के तौर पर महज 31 स्कीमों को शामिल किया है। इसमें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीम सबसे ऊपर है।

इन 31 स्कीमों का पूरा पैसा केंद्र सरकार अपनी ओर से प्रदान करेगी। मगर 24 स्कीमों में बदलाव और अहम आठ स्कीमों से हाथ खींच लेने के प्रयास का सियासी विरोध हो रहा है। कांग्रेस सांसद एवं पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री शशि थरूर ने सरकार के इस कदम पर हमला बोलते हुए कहा है कि मोदी सरकार गेम चेंजर नहीं नेम चेंजर है।

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