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'गुजरात दंगों में मोदी सरकार शामिल थी'

Tue, 28 Jan 2014 12:46 PM IST
एजेंसी/नई दिल्ली
एजेंसी/नई दिल्ली Updated Tue, 28 Jan 2014 12:46 PM IST
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Modi govt abetted pushed 2002 riots says Rahul

आगामी लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के ‘अघोषित’ पीएम उम्मीदवार राहुल गांधी ने ताल ठोक दी है। अपने राजनीतिक जीवन के पहले टीवी इंटरव्यू में उन्होंने भाजपा के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर जमकर हमले किए।

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मोदी से भयभीत होने के सवाल पर राहुल ने दो टूक कहा कि उनका अपना एक लक्ष्य है और वह उस लक्ष्य को हासिल करने की कोशिश में लगे हैं।

राहुल ने मोदी पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि वर्ष 2002 में गुजरात में जो दंगे हुए थे उसमें राज्य सरकार की भागीदारी थी, जबकि 1984 के सिख विरोधी दंगों को रोकने के लिए तत्कालीन सरकार ने पूरी कोशिश की थी।

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राजनीति में वंशवाद को माना

Modi govt abetted pushed 2002 riots says Rahul

राहुल गांधी ने राजनीति में वंशवाद का विरोध करते हुए कहा है कि गांधी परिवार में पैदा होना या नहीं होना उनकी निजी पसंद नहीं थी।

राहुल ने कहा कि राजनीति में वंशवाद इसलिए है क्योंकि पूरी राजनीतिक और सत्ता की व्यवस्था बंद है। राजनीतिक पार्टियां और व्यवस्था के फैसले बंद दरवाजे में होते हैं।

राहुल के मुताबिक गांधी परिवार में पैदा होने के बाद उनके पास दो विकल्प थे। या तो वह सब कुछ छोड़ किनारे हो जाते या फिर हालात को बदल कर नया रुप देने की जिम्मेदारी उठाते।

एक गंभीर राजनीतिज्ञ और संवेदशील व्यक्ति होने के नाते जाहिर तौर उन्होंने जिम्मेदारी उठाते हुए बंद व्यवस्था के दरवाजे खोलने का विकल्प चुना है।

'1984 के दंगे में कुछ कांग्रेसी शामिल'

Modi govt abetted pushed 2002 riots says Rahul

राहुल ने स्वीकार किया कि 1984 के दंगे में संभवत: कुछ कांग्रेसी शामिल थे।

समाचार चैनल टाइम्स नाउ से बातचीत कर रहे राहुल अधिकतर विवादित सवालों को टाल गए। खुद को कांग्रेस की तरफ से आधिकारिक तौर पर पीएम उम्मीदवार घोषित नहीं किए जाने को उन्होंने सही ठहराते हुए कहा कि यह संविधान के अनुरूप है।

हालांकि साल 2009 के चुनाव में अपनी ही पार्टी द्वारा मनमोहन सिंह को पीएम उम्मीदवार घोषित किए जाने संबंधी सवाल का उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया।

उन्होंने कहा कि भाजपा एक व्यक्ति के हाथ में शक्ति केंद्रित करने में विश्वास करती है जबकि वह अपनी पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र को बढ़ावा देने में लगे हुए हैं।

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'अलग हैं 1984 और 2002 के दंगे'

Modi govt abetted pushed 2002 riots says Rahul

उन्होंने गुजरात में हुए दंगों के लिए अपने प्रतिद्वंद्वी नरेंद्र मोदी के बारे में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान को उचित ठहराते हुए कहा कि गुजरात दंगों और 1984 के दंगों में अंतर है।

एक जगह राज्य सरकार दंगों में भागीदार थी जबकि दूसरी जगह सरकार ने इसे रोकने की कोशिश की।

गुजरात दंगों के लिए मोदी से माफी की मांग करने वाली कांग्रेस के उपाध्यक्ष 1984 के दंगों के लिए खुद के माफी मांगने के सवाल पर सीधा जवाब देने से बचते रहे।

उन्होंने आरटीआई, मनरेगा, लोकपाल जैसे कदमों को अपनी पार्टी की उपलब्धि बताते हुए कहा कि कांग्रेस सबको साथ लेकर चलने में भरोसा करती है।

'मैं कोई जज नहीं'

Modi govt abetted pushed 2002 riots says Rahul

भ्रष्टाचार को बर्दास्त नहीं करने के राहुल के दावों को लेकर जब उनसे पूछा गया कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह हो या फिर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित।

इन पर गंभीर आरोप होने के बावजूद इनको क्यों बचाया जा रहा है। तो उन्होंने कहा कि वह कोई जज नहीं है। जो फैसला सुनाए। कानून अपना काम करेगा। इन मामलों में कानूनी प्रक्रिया चल रही है।

साथ ही राहुल ने आरटीआई की वकालत करते हुए कहा कि वह राजनीतिक पार्टियों को आरटीआई के दायरे में लाने के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर वह बहस के लिए तैयार है।

महंगाई एक हकीकत: राहुल

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चारा घोटाले में जेल की हवा खाने वाले लालू यादव की पार्टी के साथ बिहार में आगामी लोकसभा चुनाव में गठबंधन करने पर उठे सवाल को राहुल ने यह कहते सही ठहराया कि उनका गठबंधन किसी व्यक्ति नहीं बल्कि वैचारिक आधार पर पार्टी से है।

महंगाई के मुद्दे पर राहुल गांधी ने कहा कि महंगाई एक हकीकत है। जब उनसे पूछा गया कि राहुल गांधी 2014 के चुनाव से पहले ही प्रधानमंत्री को रसोई गैस सिलेंडर की संख्या साल में 12 करने के लिए कहते है।

इतने सालों से वह महंगाई के मुद्दे पर क्यों चुप थे। उन्होंने कहा कि भले ही वह इन मसलों पर सार्वजनिक तौर पर नहीं बोले। मगर उन्होंने समय समय पर इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से बातचीत की है।

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