अब मोदी सरकार उठाएगी नेताजी की मौत के रहस्य से पर्दा
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पश्चिम बंगाल सरकार के बाद केंद्र सरकार भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत के रहस्य से जुड़ी अहम फाइलों को सार्वजनिक करने की तैयारी में है।
सूत्रों की मानें तो अगले वर्ष पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की अहमियत को देखते हुए केंद्र सरकार इस साल के अंत तक नेताजी से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक कर सकती है।
इस बीच नेताजी का पूरा परिवार 14 अक्तूबर, बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर इसकी मांग भी करेगा। नेताजी के भतीजे चंद्र कुमार बोस ने भाजपा नेता सिद्धार्थ नाथ सिंह से इस बाबत सोमवार को मुलाकात भी की। चंद्र कुमार बोस का कहना है कि नेताजी की मौत से जुड़ा सत्य सामने आना चाहिए।
उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार की फाइलों का खुलासा करने की कसरत को आधा अधूरा बताते हुए उम्मीद जताई है कि केंद्र जल्द ही पूरी जानकारी सार्वजनिक करेगा।
साल के अंत तक उठ सकता है पर्दा
सुभाष चंद्र बोस के भाई अमया बोस के बेटे चंद्र कुमार बोस ने कहा कि उनका पूरा परिवार बुधवार को पीएम मोदी से मुलाकात करेगा। इस दौरान परिवार के 35 सदस्य और नेताजी से जुड़े रहे 15 और व्यक्ति भी साथ रहेंगे।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी से उनकी मांग यही रहेगी कि वह नेताजी के रहस्यों को उजागर करने के लिए बनी जस्टिस मुखर्जी आयोग की सिफारिशों को सार्वजनिक करें।
साथ ही तय समय सीमा के अंदर नेताजी से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक करने की मांग करेंगे। बोस ने कहा कि मुखर्जी आयोग के बाद की कड़ी को बाहर लाने के लिए सरकार को विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के पास नेताजी से जुड़ी लगभग 200 फाइलें हैं। इनमें से 70 फाइलें खुफिया एजेंसी आईबी के पास हैं।
इसके अलावा रूस की खुफिया एजेंसी केजीबी के पास भी फाइलें हैं। उनका परिवार सरकार से उन फाइलों को भी मंगाने का आग्रह करेगा।
मोदी से बुधवार को मिलेगा सुभाष चंद्र बोस का परिवार
पीएम मोदी की तारीफ करते हुए नेताजी के भतीजे ने कहा कि आधिकारिक रूप से पहली बार देश के किसी पीएम ने पूरे परिवार को अपने सरकारी आवास पर बुलाया है।
उन्होंने कहा कि उनके पिता अमया बोस की जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी से नजदीकी थी। बावजूद इसके पूरे परिवार को किसी ने नहीं बुलाया।
उन्होंने कहा कि बीते अप्रैल माह में पीएम मोदी के बर्लिन दौरे के दौरान उनके भाई सूर्य बोस ने पीएम से मुलाकात कर कुछ रहस्य उनके सामने रखे थे जिससे पीएम हैरान हुए।
बोस के मुताबिक देश के आजाद होने के 25 साल बाद तक नेताजी के परिवार से जुडे़ लोगों की खुफिया एजेंसियों के जरिए निगरानी होती रही।
चंद्र कुमार बोस ने कहा कि 1947 में उनके पिता से मुलाकात के दौरान महात्मा गांधी ने इस बात को स्वीकार किया कि कांग्रेस की कमान उन्होंने गलत हाथों में सौंप दी।
बोस ने बताया कि नेताजी के जीवन से जुड़े पहलुओं पर बोस ब्रदर इन इंडियन इंडिपेंडेंस पुस्तक प्रकाशित हो रही है। दिसंबर तक इसके पूरे होने के आसार हैं।
उन्होंने दावा किया की इस पुस्तक के आने से स्वतंत्र भारत का इतिहास बदल जाएगा। मौजूदा इतिहास को उन्होंने छेड़छाड़ से भरा करार दिया। इस पुस्तक की शुरुआत खुद अमया बोस ने की थी।