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अपना दामन बचाने ललित मोदी की गिरेबां पकड़ेगी मोदी सरकार

Thu, 18 Jun 2015 04:09 PM IST
Updated Thu, 18 Jun 2015 04:09 PM IST
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modi government will plan for action on lalit modi

आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी के खिलाफ सरकार जल्द सख्त रुख अपनाएगी। इस कड़ी में ललित मोदी के खिलाफ जहां जल्द रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा सकता है, वहीं पूछताछ के लिए उन्हें भारत लाए जाने का भी प्रयास किया जाएगा।

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इस क्रम में सख्त संदेश देने के लिए सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय को हर तरह की संभावना तलाशने का निर्देश दिया है। मामले में बुरी तरह उलझी सरकार यह संदेश देना चाहती है कि मोदी को दी गई मदद वाकई मानवीय आधार पर थी। जहां तक भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों का सवाल है तो सरकार इस मामले में मोदी के साथ कोई रियायत नहीं बरतना चाहती।
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ललित मोदी की मदद करने वाले अपने लोगों की सूची लंबी होती देख भाजपा और सरकार बेहद चिंतित है। मदद के सवाल पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के बाद राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और उनके पुत्र दुष्यंत सिंह घिर गए हैं। वसुंधरा पर जहां मोदी के आव्रजन मामले में नाम खुलासा न करने की कड़ी शर्त के साथ ब्रिटेन में गवाही वाला बयान देने का आरोप है।
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अलग-अलग रुख दिखाना चाहती है सरकार

modi government will plan for action on lalit modi

वहीं, यह भी खुलासा हुआ है कि ललित मोदी ने वर्ष 2008 में दुष्यंत की कंपनी में 11.6 करोड़ रुपये लगाए। मदद के सवाल पर पूरी सरकार को सियासी भंवर में उलझाने वाले ललित मोदी को निकट भविष्य में सख्त कार्रवाइयां झेलनी होंगी। मोदी पर आईपीएल प्रसारण में घपला मामले में धन शोधन के मामले और फेमा उल्लंघन के गंभीर आरोप हैं।

सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय को साफ निर्देश दिया है कि वह ललित मोदी से जुड़े मामलों में हर संभव कार्रवाई की संभावना संबंधी फाइल तैयार करे। मालूम हो कि वर्ष 2010 से ही ब्रिटेन में जमे ललित मोदी से ईडी फेमा उल्लंघन और धन शोधन जैसे गंभीर आरोपों के मामले में पूछताछ नहीं कर पाई है।

बढ़ेंगी ललित मोदी की मुश्किलें
अगर ईडी ने मोदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया तो उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक जाएगी। ब्रिटेन के साथ प्रत्यर्पण संधि होने के कारण मोदी को पूछताछ के लिए हर हाल में भारत आना पड़ेगा।

हालांकि, इससे पहले उनके खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। इस नोटिस के जरिए संबंधित व्यक्ति की पहचान करके जानकारी हासिल करने, नोटिस इंटरपोल को भेजने के बाद संबंधित व्यक्ति के प्रत्यर्पण के लिए कहा जाता है। हालांकि, मोदी के वकील का दावा है कि उनके खिलाफ कभी ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी ही नहीं किया गया।

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