अंबेडकर के लंदन स्थित घर को खरीदना चाहती है मोदी सरकार
डॉ. भीमराव अंबेडकर के लंदन स्थित घर और निजी संपत्ति को खरीदने में केंद्र सरकार की दिलचस्पी बढ़ गई है। महाराष्ट्र सरकार की जगह अब सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय इस संपत्ति को खरीदकर अपनी उपलब्धियों में शामिल करना चाहता है। केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चिट्ठी लिखकर लंदन की संपत्ति खरीदने की इच्छा जाहिर की है।
बृहस्पतिवार को मंत्रालय के एक साल के कामकाज का ब्यौरा देते हुए गहलोत ने कहा कि उत्तरी लंदन में किंग हेनरी रोड स्थित अंबेडकर के मकान को मकान मालिक 40 करोड़ में बेचने पर सहमत है। पहले महाराष्ट्र सरकार ने इस मकान को खरीदने की इच्छा जाहिर की थी। संपत्ति विदेश में होने के कारण जब मामला केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पास गया तो उन्होंने गहलोत से उनके मंत्रालय का पक्ष पूछा था।
इसके बाद गहलोत ने केंद्र के जरिए इस डील को पूरा करने की इच्छा जताई। इसी कड़ी में गहलोत ने फडणवीस को चिट्ठी लिखकर मंत्रालय के जरिए संपत्ति खरीदने की बात की है। हालांकि अभी तक राज्य सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं आया है।
40 करोड़ में बिक रही हैं अंबेडकर की संपत्ति
महाराष्ट्र सरकार ने फरवरी में ही अंबेडकर की संपत्तियों को खरीदने का निर्णय लिया था। वहीं इस संपत्ति के रखरखाव की व्यवस्था के लिए सालाना 60 लाख रुपये खर्च करने का भी फैसला किया था। सूत्रों की मानें तो लंदन के स्थानीय एजेंट ने 2050 वर्ग फुट में फैली अंबेडकर की आवासीय संपत्ति की बिक्री की तैयारी पिछले साल शुरू कर दी थी।
फेडरेशन ऑफ अंबेडकर एंड बुद्धिस्ट आर्गेनाइजेशन (एफएबीओ) ने केंद्र सरकार से इस संपत्ति को खरीदकर ऐतिहासिक विरासत बनाने का अनुरोध किया था। बताते चलें कि अंबेडकर ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से उच्च शिक्षा प्राप्त की थी।
इसी को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय ने एससी-एसटी वर्ग के सौ प्रतिभाशाली बच्चों को इस जगह का शैक्षणिक दौरा कराने का भी निर्णय लिया है ताकि उन्हें भविष्य में बेहतर करने की प्रेरणा मिल सके।