मोदी सरकार की सख्ती से बेअसर ‘लेटलतीफी’
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अफसरों और कर्मचारियों की लेटलतीफी को दूर करने के लिए बायोमेट्रिक आधार कार्ड के जरिए हाजिरी लगाने के मोदी सरकार के सख्त आदेश का सरकारी बाबुओं पर कोई असर होता नहीं दिख रहा।
बाबुओं के इस रवैये को मंत्रालयों ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने पीएम की मंशा और कैबिनेट सचिवालय के सख्त निर्देशों का हवाला देते हुए अफसरों और कर्मचारियों को नोटिस जारी कर दिया है।
अगर कोई कर्मचारी बायोमेट्रिक हाजिरी के सिस्टम के तहत पंजीकृत नहीं हो पाता है तो इसके लिए वह खुद जिम्मेदार होगा।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय, कानून मंत्रालय और सूचना व प्रसारण मंत्रालय की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि मंत्रालय को बायोमेट्रिक कार्ड में हाजिरी नहीं लगाने वाले हर कर्मचारी की जानकारी है।
वैसे बायोमेट्रिक आधार कार्ड को हाजिरी से लिंक करने के मोदी सरकार के आदेश के बावजूद विभिन्न मंत्रालयों में अभी इसकी कवायद चल रही है। सरकार ने सभी से फार्म भरवाकर आधार नंबर ले लिए हैं।
मंत्रालय गंभीर, जारी किया नोटिस
जिन कर्मचारियों के पास आधार कार्ड नहीं था। उनके लिए कैंप लगाकर आधार कार्ड बांटे गए। मंत्रालयों के सभी गेट पर आधार नंबर से जुड़ी पांच से छह बायोमेट्रिक मशीनें लगाई गई हैं। हर मंत्रालय ने इसके लिए अलग से दफ्तर खोला है।
इतना ही नहीं, संबंधित मंत्री या वरिष्ठ अधिकारी वेबसाइट के जरिए कर्मचारियों की हाजिरी की जानकारी ले सकते हैं। बायोमेट्रिक कार्ड के जरिए हाजिरी लगाने की प्रणाली के तहत कर्मचारियों को उनके आधार नंबर के आखिरी छह अंकों की एक आईडी दी गई है।
उन्हें यह आईडी नंबर बायोमेट्रिक मशीन के बटनों पर दबाने होंगे। फिर अंगुली का निशाना देना होगा। मशीन अंगुली के निशान को आधार कार्ड बनाते वक्त लिए नमूने से मिलाती है। मिलान होने पर हाजिरी दर्ज हो जाती है। दफ्तर में सुबह नौ बजे आने और शाम साढ़े पांच बजे जाने के वक्त यह प्रक्रिया दोहरानी होती है।