विदेश दौरों पर जाने वाले अफसरों के आएंगे 'बुरे दिन'
नौकरशाहों के लिए अब विदेश यात्रा करना आसान नहीं होगा। सरकार अब विदेश दौरे से जुड़ी प्रक्रिया में कड़ाई बरतने जा रही है।
केंद्र ने कहा है कि अब नौकरशाहों के विदेश यात्रा के प्रस्तावों को पीएमओ और सचिवालयों की स्क्रीनिंग कमेटी की मंजूरी की जरूरत होगी।
पिछले कुछ समय से सरकार यह गौर कर रही है नौकरशाहों की विदेश यात्रा में नियमों की अनदेखी हो रही है। लिहाजा अब इन यात्राओं को लिए पीएमओ, विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय की मंजूरी की जरूरत होगी।
इन यात्राओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी मंत्रालयों की वेबसाइट पर अपलोड करना जरूरी हो जाएगी।
केंद्रीय सचिवालय और वित्त मंत्रालय ने अफसरों की विदेश यात्रा के प्रस्तावों की प्रोसेसिंग के लिए जो दिशा-निर्देश जारी किए हैं उनमें कहा गया है संबंधित मंत्रालयों से मंजूरी से पहले मशविरा के लिए इन्हें इंटिग्रेटेड फाइनेंस डिवीजन से गुजरना होगा।
दिशा-निर्देशों का पालन नहीं हो रहा
सरकार ने कहा है कि हाल के दिनों में यह देखा गया है कि विदेश यात्राओं से जुड़े दिशा-निर्देशों का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है।
पिछले महीने फॉरेन ट्रैवल परफॉर्मा (एफटीपी) में बदलाव हुआ था लेकिन इसके मुताबिक प्रस्ताव जमा नहीं किए जा रहे हैं।
एफटीपी में विदेश यात्रा के लिए आमंत्रण पत्र, एजेंडा, मकसद और देश का जिक्र होना विदेश मंत्रालय, प्रधानमंत्री कार्यालय और गृह मंत्रालय से भी इसकी मंजूरी जरूरी है।
अगर कोई संगठन इस यात्रा का खर्चा उठा रहा है तो इसका ब्योरा और ऐसा प्रमाणपत्र भी जरूरी होगा, जिसमें इस बात का जिक्र होगा कि शिष्टमंडल के सदस्य अलग-अलग नहीं जा रहे हैं।
यात्रा जिन मुद्दों से संबंधित होगा उस पर भी मशविरा जरूरी होगा। प्रस्ताव, यात्रा के दिन से दस या पंद्रह दिन पहले पीएमओ और स्क्रीनिंग कमेटी को भेजना होगा।
अगर प्रस्ताव में देरी होती है तो पीएमओ और कैबिनेट सचिव की ओर से इसका कारण दिया जाएगा। गौरतलब है कि वित्त मंत्रालय ने एक ऐसा प्रोफार्मा तैयार किया है, जिसे यात्रा से पहले अधिकारियों के लिए भरना जरूरी होगा।
सरकार की आपत्ति
विदेश यात्राओं से जुड़े दिशा-निर्देशों का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है। पिछले महीने फॉरेन ट्रैवल परफॉर्मा (एफटीपी) में बदलाव हुआ था लेकिन इसके मुताबिक प्रस्ताव जमा नहीं किए जा रहे हैं। एफटीपी में विदेश यात्रा के लिए आमंत्रण पत्र, एजेंडा, मकसद और देश का जिक्र होना चाहिए।
सही प्रक्रिया जरूरी
प्रस्ताव यात्रा के दिन से दस या पंद्रह दिन पहले पीएमओ और स्क्रीनिंग कमेटी को भेजना होगा। अगर प्रस्ताव में देरी होती है तो पीएमओ और कैबिनेट सचिव की ओर से इसका कारण दिया जाएगा।
फंड की कमी से आईपीएस अफसरों की यात्रा रद्द
फंड न होने की वजह से विशेष ट्रेनिंग के लिए भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 100 प्रशिक्षु अधिकारियों का जापान दौरा रद्द हो गया है।
हालांकि एसवीपी नेशनल पुलिस एकेडमी, हैदराबाद में ट्रेनिंग ले रहे प्रशिक्षु इस मकसद से लिए अगले सप्ताह सिंगापुर रवाना होंगे।
गृह मंत्रालय ने कहा है कि एकेडमी के पास इन्हें जापान भेजने का फंड नहीं है। उसने कहा है कि वह इन्हें ट्रेनिंग के लिए जापान नहीं भेज सकती है।