पूर्वोत्तर भारत के लिए मोदी का खास प्लान
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को पूर्वोत्तर भारत के सभी क्षेत्रों में टेलीफोन सेवाएं पहुंचाने के प्लान को मंजूरी दे दी है।
इसके तहत पूर्वोत्तर भारत के सभी राज्यों के उन क्षेत्रों में जहां अपनी टेलीफोन सेवाएं नहीं पहुंची है, उन्हें जोड़ा जाएगा। इन राज्यों के 43,200 गांवों में से 9,190 गांव ऐसे हैं जहां पर अभी तक मोबाइल सेवाएं नहीं पहुंची है।
इनमें से 8,621 गांवों को 6,673 टॉवर के जरिए जोड़ा जाएगा। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के हाईवे और सुदूर क्षेत्रों में अबाध टेलीफोन कनेक्टिविटी के लिए भी सेवाओं को बेहतर किया जाएगा।
इस पर करीब 5,336.18 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। जिसका इस्तेमाल यूएसओ फंड से किया जाएगा।
जम्मू-कश्मीर को भी खास तोहफा
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 250 मेगावाट के 4 यूनिट के पक्कल डुल हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के निर्माण की मंजूरी दे दी है। प्रोजेक्ट पर 8112.12 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
प्रोजेक्ट पूरा होने की अवधि 66 महीने तय की गई है। मंत्रिमंडल ने इसके अलावा एनएचपीसी के चेनाब वैली पॉवर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को 1605 करोड़ रुपये देना भी मंजूरी कर लिया है।
जिसके जरिए पक्कल डुल, किरू के 600 मेगावाट, कवार के 560 मेगावाट क्षमता वाले हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को प्रारंभिक निवेश मिलेगा।
इसके अलावा जम्मू एवं कश्मीर में एनएचपीसी, जम्मू और कश्मीर डेवलपमेंट काउंसिल और पीटीसी के साझेदारी से बनने वाले चेनाब वैली पॉवर प्रोजेक्ट्स के निर्माण की भी स्वीकृति दी है।
इसके तहत एनएचपीसी और जम्मू और कश्मीर डेवलपमेंट काउंसिल की 49-49 फीसदी और पीटीसी की दो फीसदी हिस्सेदारी है।