बढ़ते क्राइम को रोक पाएगा मोदी सरकार का 'महाप्लान'?
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बढ़ते महिला अपराध, अंदरुनी हालात और आतंकी खतरा सरकारों को चिंता में डाले हुए है।
नई चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस के पास क्या हथियार होने चाहिए, किस तरह की रणनीति बनाकर अपराधियों पर शिकंजा कसा जा सकता है और खासतौर पर महिलाओं को महफूज रखने के लिए फोर्स को किस तरह ट्रेंड करने की जरूरत है।
इन सभी बिंदुओं पर देशभर की पुलिस के लिए प्लान बनाया जाएगा। मोदी सरकार की मंशा पर सभी राज्यों के ट्रेनिंग प्रमुख पहली से तीन सितंबर तक होने जा रही कार्यशाला में हिस्सा लेंगे और बाद में अपने राज्य के संस्थान में लागू करेंगे।
दिल्ली कांड के बाद महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पूरा देश सजग है लेकिन हालात अभी नहीं संभले हैं। रेप के मामले दिनों दिन बढ़े हैं। यही नहीं आतंकी खतरों को लेकर खुफिया एजेंसियां हर वक्त अलर्ट कर रही हैं। जाति-धर्म को लेकर झगड़े बढ़े हैं। साथ ही साइबर क्राइम नई चुनौती है।
जयपुर में बनेगा प्लान
इनसे निपटने के लिए अब तक पुराने पाठ्यक्रम पर ही ट्रेनिंग हो रही है। नए अपराधों से लड़ने के नए तौर तरीके सीखने के उद्देश्य से ही जयपुर में यह कार्यशाला होने जा रही है। पहली सितंबर से शुरू होने वाली इस कार्यशाला का उद्घाटन राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया करेंगी।
यहां देश भर के ट्रेनिंग संस्थानों के मुखिया पहुंच रहे हैं। इस कार्यशाला में उत्तर प्रदेश से डीजी ट्रेनिंग एके जैन और मुरादाबाद पुलिस अकादमी के डायरेक्टर एडीजी नासिर कमाल हिस्सा लेंगे।
डीजी ट्रेनिंग एके जैन ने बताया कि यहां डिप्टी एसपी, दारोगा, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल के कोर्स को और बेहतर करने की प्लानिंग की जाएगी। कार्यशाला का समापन गृहमंत्री राजनाथ सिंह करेंगे।