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राज्यों के नाम केंद्र सरकार की चिट्ठी, जानिए क्या लिखा है इसमें

Mon, 08 Sep 2014 11:24 AM IST
Updated Mon, 08 Sep 2014 11:24 AM IST
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modi government now take action against corrupt politician.

गृह मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों से कहा है कि वह सांसदों और विधायकों के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों की सुनवाई में तेजी लाएं।

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इसके लिए अदालत में प्रतिदिन सुनवाई की व्यवस्था के अलावा, विशेष सरकारी वकील की नियुक्ति और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। राजनीति में अपराधीकरण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद केंद्र सरकार ने यह कदम उठाया है।

पीटीआई के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी दागी नेताओं को राजनीति से दूर करने की वकालत करते रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का हवाला देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय गृह सचिव अनिल गोस्वामी ने सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और मुख्य सचिवों को अलग-अलग पत्र लिखे हैं।
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पत्र में उन्हें सलाह दी गई है कि वे मौजूदा सांसदों व विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों की सुनवाई को जल्द से जल्द पूरा करवाएं ताकि आरोप साबित होने पर दागी नेताओं की सदस्यता रद्द की जा सके।

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सुप्रीम कोर्ट का है आदेश

modi government now take action against corrupt politician.

गत 10 मार्च को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार सांसदों व विधायकों के खिलाफ दर्ज मामलों की सुनवाई आरोप तय होने के एक साल के भीतर हो जानी चाहिए।

अगर किसी भी मामले में दो साल या उससे ज्यादा की सजा होती है, तो दोषी व्यक्ति को संसद या विधानसभा से अयोग्य करार दिए जाने का प्रावधान है।

गृह मंत्री और गृह सचिव ने अपने निर्देश में यह भी कहा है कि अगर वकीलों की कमी के चलते मामले की सुनवाई अटकती है, तो राज्य सरकार को विशेष सरकारी वकील की नियुक्ति करनी चाहिए।

इसके अलावा राज्य के गृह सचिवों को नियमित अंतराल पर मामले की समीक्षा करने को भी कहा गया है। पिछले हफ्ते इसी तरह का पत्र कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद द्वारा भी राज्यों को भेजा गया था।

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