फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Modi government may reduce tax rate in coming days

मोदी इफेक्ट: इनकम टैक्स में मिलेगी छूट!

Fri, 23 May 2014 10:01 AM IST
Updated Fri, 23 May 2014 10:01 AM IST
विज्ञापन
Modi government may reduce tax rate in coming days

सोमवार से विधिवत केंद्र का शासन संभालने जा रही भाजपा देशभर के मध्यम वर्ग खासतौर पर नौकरीपेशा लोगों को इनकम टैक्स में छूट का तोहफा देने जा रही है।

विज्ञापन


लोकसभा चुनाव के दौरान इनकम टैक्स खत्म करने की बहस शुरू करने वाली भाजपा के नेतृत्व में बनने जा रही सरकार के मुखिया नरेंद्र मोदी आम बजट में आयकर छूट सीमा बढ़ा सकते हैं।
विज्ञापन


नई सरकार को जून-जुलाई तक संसद में आम बजट पेश करना है। यूपीए सरकार ने अंतरिम बजट पेश किया था। इसलिए सरकार की कमान थामने के बाद मोदी की पहली चुनौती लोकलुभावन बजट देने की होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

इनकम टैक्स कम करने को लेकर भाजपा पर दवाब

Modi government may reduce tax rate in coming days

इसमें अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के उपाय भी दिखाने होंगे, लेकिन भाजपा चाहती है कि सरकार सबसे पहले इनकम टैक्स मामले में लोगों को राहत दे। इसलिए अब टैक्स सुधारों में तेजी लाने के साथ ही इनकम टैक्स में छूट सीमा बढ़ना तय माना जा रहा है।

अभी दो लाख रुपये तक की आमदनी पर इनकम टैक्स छूट है, लेकिन भाजपा की कोशिश है कि इस सीमा में कम से कम एक लाख रुपये का इजाफा कर दिया जाए। इससे भाजपा को मध्य वर्ग खासतौर पर नौकरीपेशा लोगों को खुश करने का मौका मिलेगा।


वैसे भी भाजपा का एक बड़ा वर्ग इनकम टैक्स खत्म करने का पक्षधर है। वरिष्ठ नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी इसे खत्म करने की वकालत करते रहे हैं।

पार्टी के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने वाले पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी को भी पुणे के एक संगठन ने आयकर समाप्त करने को लेकर सुझाव दिए थे।

मोदी का जंबो मंत्रिमंडल नहीं होगा

Modi government may reduce tax rate in coming days
भाजपा से मिल रहे संकेतों से साफ है कि सरकार का खर्चा घटाने की रणनीति के तहत मोदी का जंबो मंत्रिमंडल नहीं होगा। वैसे भी अभी राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.6 फीसदी है और खुद देश की सकल घरेलू विकास दर पांच फीसदी से कम है।

ऐसे में मंत्रिमंडल का आकार छोटा रखने जा रहे मोदी कई मंत्रालयों का आपस में विलय कर सकते हैं। मसलन, ऊर्जा से संबंधित मामले एक ही मंत्रालय में आ सकते हैं। इसी तरह रेल, सड़क परिवहन, ग्रामीण सड़क जैसे मामले भी प्रस्तावित बुनियादी ढांचा मंत्रालय के तहत लाए जा सकते हैं।

जल संबंधी मामले भी कई मंत्रालयों में बंटे हैं। इन्हें भी एक ही छत के नीचे लाने की बात हो रही है। इससे मंत्रालयों के आंतरिक विवाद भी घटेंगे व फाइलें भी तेजी से दौड़ेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed