राष्ट्रीय पशु-बाघ, कुछ दिनों में आपका ये उत्तर गलत होगा!
कई प्रशासनिक बदलावों के बाद मोदी सरकार देश का राष्ट्रीय पशु भी बदलने जा रही है। अब भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ की जगह शेर को बनाने पर विचार किया जा रहा है।
लेकिन मोदी सरकार के इस विचार ने वन्य जीव कार्यकर्ताओं को चिंता में डाल दिया है। टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, वन्य जीव कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार के इस कदम से बाघों को बचाने का अभियान मुश्किल में पड़ सकता है क्योंकि सरकार बाघ अभ्यारण्यों के नजदीक प्रस्तावित औद्योगिक प्रोजेक्ट्स का रास्ता आसान करने में जुटी है।
बाघ की जगह शेर को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का प्रस्ताव झारखंड से राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी जो कि खुद एक उद्यमी हैं ने सरकार को भेजा है। गौरतलब है बाघ को 1972 से राष्ट्रीय पशु का दर्जा मिला हुआ है।
NBWL में पास हुआ प्रस्ताव
राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी का प्रस्ताव पर्यावरण मंत्रालय के तहत काम कर रहे नेशनल बोर्ड फॉर वाइल्ड लाइफ में पास होने के बाद अब इसे मंत्रालय को भेज दिया गया है। बताया जा है कि इस बोर्ड में अधिकांश सदस्य गुजरात से ही हैं।
बोर्ड के एक सदस्य ने बताया कि पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर की अध्यक्षता में मार्च में बोर्ड के स्टैंडिंग कमिटी की बैठक हुई थी। कमिटी ने पर्यावरण मंत्रालय से आग्रह किया था कि मामले व्यापक विचार विमर्श किया जाए।
लेकिन बाघ के स्थान पर शेर को राष्ट्रीय पशु बनाने की सच्चाई यह है कि इसमें प्रशासन को किसी वजह से खास रुचि है।
हालांकि मामले पर NBWL के सदस्य एच एस सिंह का कहना है मामला संज्ञान में लेने से पहले इसके सभी पहलुओं पर गौर किया गया है। उनके अनुसार देश के 17 राज्यों में बाघ पाए जाते हैं जबकि शेर केवल एक ही राज्य में है।