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कामकाजी गर्भवती महिलाओं के लिए मोदी सरकार दे सकती है ये बड़ा तोहफा

Wed, 02 Sep 2015 09:00 AM IST
Updated Wed, 02 Sep 2015 09:00 AM IST
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modi government can give greatest gift for the working Pregnant women

कामकाजी महिलाओं के मातृत्व अवकाश को तीन से बढ़ाकर आठ माह करने के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिलचस्पी दिखाई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने हाल में ही इस प्रस्ताव का ब्योरा पीएम के सामने पेश किया था।

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इसमें रुचि लेते हुए पीएम ने इसे कामकाजी महिलाओं के लिए बेहतर करार दिया। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही मेटरनिटी बेनीफिट एक्ट में संशोधन कर इस प्रस्ताव को अमलीजामा पहनाया जा सकता है।
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मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव नूतन गुहा बिश्वास ने इस बारे में कहा कि पीएम प्रस्ताव से प्रभावित हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित प्रस्ताव कैबिनेट सचिवालय को भी भेजा गया है ताकि इस पर विस्तार से चर्चा हो सके।
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वर्तमान में कामकाजी महिलाओं को अनिवार्य रूप से तीन माह का मातृत्व अवकाश मिलता है। इस दौरान उन्हें मासिक वेतन का भुगतान किया जाता है लेकिन अब मेटरनिटी बेनीफिट एक्ट में संशोधन कर इसे आठ माह करने का प्रस्ताव किया गया है। इसमें एक माह का अवकाश बच्चे के जन्म लेने से पहले और सात माह की छुट्टी जन्म के बाद देने की सिफारिश की गई है।

आंगनबाड़ी और मनरेगा में काम करने वाली महिलाओं को मिले सुविधा

modi government can give greatest gift for the working Pregnant women

उन्होंने कहा कि अगर ऐसा किया गया तो महिलाओं के बीच स्तनपान को बढ़ावा मिल सकेगा। यह मां और बच्चे दोनों के लिए जरूरी है।

उन्होंने कहा कि कामकाजी गर्भवती महिलाओं की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए फैक्ट्री एक्ट और कंपनी मामलों से संबंधित कानून में संशोधन करने का अनुरोध भी किया गया है।

बिश्वास ने कहा कि श्रम मंत्रालय को इस पर निगरानी रखनी चाहिए कि जिन संस्थानों और कारखानों में दस से अधिक कामगार हैं और उनमें महिलाएं शामिल हैं तो वहां उनके बच्चों के लिए क्रेच सुविधा अनिवार्य रूप से होनी चाहिए।

वहीं आंगनबाड़ी और मनरेगा के अंतर्गत काम करने वाली महिलाओं के लिए ऐसी सुविधाएं शुरू होनी चाहिए। इस बारे में वह ग्रामीण विकास मंत्रालय से बातचीत करेंगी।

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