मोदी ने नियमों को ताक पर रख रामदेव को दी Z सुरक्षा!
लोकसभा चुनावों में भाजपा के पक्ष में प्रचार करने का इनाम बाबा रामदेव को जेड स्तर की सुरक्षा के रूप में दिया गया है? योग गुरु को जेड स्तर की सुरक्षा दिए जाने के फैसले के बाद ये सवाल उठने लगा है।
केंद्र सरकार ने बाबा रामदेव को सुरक्षा देने की वजह अंडरवर्ल्ड और आतंकवादियों से जान का खतरा होना बताया है। हालांकि गृहमंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि रामदेव को सुरक्षा मुहैया कराने से पहले मंत्रालय की ओर से ये आंकलन ही नहीं किया गया कि उन्हें सुरक्षा की कितनी जरूरत है।
गृह मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि आम तौर पर किसी भी व्यक्ति को सुरक्षा देने से पहले उस पर खतरे की पूरी समीक्षा की जाती है। इसका आंकलन किया जाता है कि उसकी जान को किससे और किस तरह का खतरा है। रामदेव के मामले में ऐसा नहीं किया गया
(साभारः कार्टून सोशल मीडिया से लिया गया है।)
काले धन पर बाबा ने साध ली चुप्पी
लोकसभा चुनावों से पहले रामदेव ने काले धन के विरोध में आंदोलन चलाया था। रामलीला मैदान में उन्होंने दो बार धरना दिया। दोनों ही धरनों में रामदेव के समर्थकों का भारी हुजूम उमड़ा।
2011 में रामलीला मैदान में रामदेव के समर्थकों पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया था। काले धन के मुद्दे पर उन्होंने लोकसभा चुनावों में भाजपा का भी किया। रामदेव का कहना था कि विदेशों में भारत को 400 ट्रिलियन काला धन जमा है और ये देश में वापस आया तो अर्थव्यवस्था को खासा लाभ होगा।
हालांकि लोकसभा चुनावों के बाद उन्होंने काले धन में मसले पर लगभग चुप्पी साध ली। सुप्रीम कोर्ट ने विदेशों में जमा काले धन की जांच के लिए विशेष जांच समिति गठन करने का आदेश दिया।
सरकार को लगी फटकार, बाबा रहे चुप
काला धन रखने वालों की सूची पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार भी लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की प्रतिबद्घता पर भी सवाल उठाया। फिर भी रामदेव ने केंद्र के खिलाफ वैसा रवैया नहीं अपनाया, जैसा उन्होंने पिछली सरकार के कार्यकाल में उठाया था।
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को जब विदेशों में काला धन रखने वाले तीन नामों को सूची सौंपी थी, उस समय रामदेव ने कहा था कि विदेशों में जमा काला धन एफडीआई के जरिए देश में आ रहा है।
एफडीआई के विरोध में रामदेव के बयान के बाद भी केंद्र सरकार विशेष कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एफडीआई के समर्थन में लंबी दलीलें दीं। एफडीआई पर केंद्र सरकार का रुख देखकर बाद में रामदेव ने भी मसले पर चुप्पी साध ली।
24 जवान दिन रात करेंगे बाबा की सुरक्षा
माना जा रहा है कि काले धन के मुद्दे पर बाबा के मौन का पुरस्कार मोदी सरकार ने उन्हें जेड स्तर की सुरक्षा के रूप में दिया है। केंद्र के फैसले के बाद सीआरपीएफ के लगभग 24 जवान और अधिकारी रामदेव की दिन-रात सुरक्षा करेंगे।
लाल बत्ती वाली एक पायलट गाड़ी इनके काफिले की अगुवाई भी करेगी।
इससे पहले उत्तराखंड सरकार ने रामदेव को राज्य पुलिस की सुरक्षा दे रखी थी। हालांकि नियम के मुताबिक वह राज्य से बाहर दो दिन से ज्यादा सुरक्षा नहीं रख सकते थे।
पिछली यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान सीबीआई ने रामदेव के खिलाफ अपने गुरु शंकर देव के गायब होने के मामले में जांच शुरू की थी। इस मामले में एजेंसी प्रीलिमनरी इनक्वायरी (पीई) दर्ज कर बाबा से दो बार पूछताछ कर चुकी है।