जनता की सहूलियत के लिए मोदी सरकार ने उठाया बड़ा कदम
नौकरशाही की लालफीताशाही खत्म करने की कोशिश में जुटी मोदी सरकार ने इस ओर एक और कदम बढ़ाया है।
पहले कागजात को राजपत्रित अधिकारी से सत्यापित कराने की बाध्यता खत्म करने के बाद नई सरकार ने नौकरशाही की आचरण नियमावली में परिवर्तन कर दिया है। नई सरकार ने ऑल इंडिया सर्विसेज रूल्स 1968 में संशोधन कर नौकरशाही के लिए 17 नए मानक जोड़ दिए हैं।
अधिकारी राजनीति से परे रहें
आचरण नियमावली में कहा गया है कि सरकारी कर्मचारी और अधिकारी राजनीति से परे रह कर नैतिक मापदंड स्थापित करें।
इसके अलावा इन्हें सत्यनिष्ठा, ईमानदारी, कर्तव्य में निष्पक्षता और खास कर कमजोर वर्गों के लिए खासतौर पर काम करने के साथ आम लोगों के साथ शालीनता से पेश आने और अच्छा व्यवहार करने के लिए भी कहा गया है।
17 नए मानक तय किए गए
सरकारी सूत्रों का कहना है कि दरअसल यह नौकरशाही पर नकेल कस कर उसे आम लोगों के प्रति अधिक से अधिक जवाबदेह बनाने की प्रक्रिया के तहत किया गया है। नई नियमावली में सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए 17 नए मानक तय किए गए हैं।
नियमावली में प्रतिभा को संरक्षण देने, कार्यों में पूर्ण स्वायत्तता बरतने और राजनीति से दूर रह कर कार्य करने केलिए कहा गया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले नई सरकार ने अचानक प्रमाण पत्रों सहित अन्य दस्तावेजों का सत्यापन राजपत्रित अधिकारी से कराने की बाध्यता खत्म कर दी है।