72 कानूनों को खत्म करेगी मोदी सरकार!
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पुराने और प्रचलन में नहीं रहे कानूनों को खत्म करने की मंजूरी के लिए केंद्र सरकार संसद में नया बिल लाने की तैयारी कर रही है।
इस बीच विधि आयोग ने 72 पुराने कानूनों को खत्म करने की सिफारिश की है। आयोग का कहना है कि यह तत्काल सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि कानूनी ढांचा बदलते वक्त की चुनौतियों के हिसाब से हो।
आयोग ने 1836 में अस्तित्व में आए बंगाल जिला एक्ट को खत्म करने की सिफारिश की है। इसके अलावा जिन कानूनों को समाप्त करने को आयोग ने कहा है, वे ज्यादातर 1838 से 1898 के बीच बनाए गए हैं।
कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद को सौंपी अंतरिम रिपोर्ट में आयोग ने कहा है कि वह 261 अन्य कानूनों का भी अध्ययन कर रही है।
आयोग ने कानून मंत्री को सौंपी रिपोर्ट
आयोग यह जानने की कोशिश कर रही है कि ये कानून मौजूदा वक्त में अपनी प्रासंगिकता रखते हैं या नहीं।
आयोग का कहना है कि वह अपना काम किश्तों में करेगा और सरकार को आवश्यक कार्रवाई के लिए अपनी रिपोर्ट वक्त वक्त पर सौंपती रहेगी।
आयोग से रिपोर्ट मिलने के बाद कानून मंत्री ने कहा कि मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार अप्रचलित और बहुत पुराने कानूनों को खत्म करना चाहती है।
पहले से ही 32 ऐसे कानूनों को खत्म करने संबंधी एक बिल संसद में लंबित है। संसद के अगले सत्र में सरकार पुराने कानूनों को खत्म करने संबंधी बिल का मुद्दा उठाएगी।