सिख उग्रवादी समूहों पर कार्रवाई की मांग कर सकते हैं मोदी
अलग खालिस्तान की मांग करने वाले सिख उग्रवादी समूहों पर सख्त कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिटेन सरकार से बातचीत कर सकते हैं। ऐसे सिख समूह युवा सिखों को बहकाते हैं और उन्हें बम बनाने का प्रशिक्षण देते हैं।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के साथ होने वाली बैठक में मोदी ब्रिटेन में सिख उग्रवादी समूहों की गतिविधियों से जुड़ा विस्तृत डॉजियर सौंपेंगे। ये समूह यूरोप खास तौर से ब्रिटेन में भारत विरोधी गतिविधियां चला रहे हैं। इस डॉजियर के अनुसार, उग्रवादी समूह सैद्धांतिक कक्षा आयोजित कर विदेश में युवा सिखों को कट्टरपंथ का पाठ पढ़ाते हैं।
सौंपा जाएगा डॉजियर
खालिस्तान के आतंकी जगतार सिंह तारा और परमजीत सिंह पम्मा (बब्बर खालसा इंटरनेशनल से संबद्ध) के नजदीकी सहयोगी शिरोमणि अकाली दल (मान) के युवा इकाई के उपाध्यक्ष अवतार सिंह कांडा युवा सिखों के लिए कट्टरपंथ की सैद्धांतिक कक्षाएं आयोजित करने की योजना बना रहा है।
डॉजियर में कहा गया है कि सिख युवाओं को वैचारिक रूप से प्रभावित करने के अलावा उन्हें उन्नत विस्फोटक यंत्र बनाने की सैद्धांतिक शिक्षा भी दी जाती है। आम केमिकल के जरिये उसका सजीव चित्रण भी किया जाता है। ऐसी कक्षाएं हाल ही में गुरुनानक गुरुद्वारा, स्पार्क हिल, स्ट्राफोर्ड, बर्मिंघम (दिसंबर 2014) और गुरुद्वारा सिंह सभा ग्लासगो (जनवरी 2015) में आयोजित की गई थीं।