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'मोदी के गुजरात में 50 फीसदी मुस्लिम गरीबी रेखा से नीचे'
सूरत/बृजेश सिंह
Updated Tue, 14 May 2013 09:32 AM IST
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गुजरात में मुसलमानों की सामाजिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है।
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नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार भले ही वाइब्रेंट गुजरात के विकास का ढिंढोरा पीट रही है लेकिन यहां मुस्लिम समाज में आज भी पचास फीसदी लोग बेहद पिछड़े एवं गरीब हैं।
22 फीसदी मुस्लिम परिवारों का तो यह भी तय नहीं रहता कि अगले दिन उन्हें खाना मिलेगा भी या नहीं। हम आज जिस गुजरात की तरक्की की बात कर रहे हैं, वह समावेशी नहीं है। छह करोड़ गुजरातियों में मुसलमान भी शामिल हैं और उनकी अनदेखी करके गुजरात की तरक्की अधूरी रहेगी। यह उद्गार यहां रविवार को प्रमुख मुस्लिम शिक्षाविद मो. फजर्लुर रहीम मुजाद्दीदी ने एक कार्यक्रम में जाहिर किए।
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सूरत के विशाल दीनदयाल उपाध्याय इंडोर स्टेडियम में हजारों की संख्या में मौजूद मुसलमानों को संबोधित करते हुए मुजाद्दीदी ने कहा कि 21वीं सदी में मुस्लिम समाज को अपनी आर्थिक एवं सामाजिक दोनों चुनौतियों को हल करने के लिए एक साथ जूझना होगा। इसका सबसे बड़ा हथियार आधुनिक शिक्षा है।
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उन्होंने मदरसों को आधुनिक शिक्षा से जोड़े जाने पर भी जोर दिया। मो. मुजाद्दीदी कई प्रदेशों में अल्पसंख्यकों के लिए ऐसे स्कूलों का संचालन करते हैं, जहां दीनी तालीम के साथ आधुनिक शिक्षा भी प्रदान की जाती है। वे योजना आयोग के सदस्य भी हैं।
मुस्लिम समाज की आर्थिक एवं सामाजिक चुनौतियों पर चर्चा के लिए आयोजित इस समारोह में केंद्रीय विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद, उनकी पत्नी लुईस खुर्शीद, कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता मीम अफजल तथा देश के कई जाने माने मुस्लिम विद्वान भी मौजूद थे। समारोह में गुजरात सरकार से मांग की गई कि वह भी दूसरे राज्यों की तरह दसवीं तक के मुस्लिम छात्रों को दी जाने वाली स्कालरशिप को शुरू कराए।
फर्रुखाबाद में खुलेगा स्कूल
सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद ने समारोह के मंच से मो. मुजाद्दीदी से मांग रखी कि वे फर्रुखाबाद में भी मुस्लिम समाज के बच्चों के लिए एक आधुनिक स्कूल खोलने की घोषणा करें। लुईस ने कहा कि स्कूल के लिए वे जमीन निशुल्क उपलब्ध कराएंगी।
लुईस की मांग को देखते हुए मो. मुजाद्दीदी ने अपनी संस्था की ओर से बारहवीं तक की शिक्षा के लिए जल्द ही फर्रुखाबाद में एक स्कूल की स्थापना किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस स्कूल में दो हजार से भी ज्यादा बच्चों को पढ़ाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।