क्या इस पेंच ने फंसाया मोदी कैबिनेट का अगला विस्तार?
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण से पहले अपने मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार करेंगे। हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि यह विस्तार प्रधानमंत्री की 9 अप्रैल से शुरू हो रही तीन देशों की यात्रा से पहले होगी या फिर स्वदेश लौटने के बाद।
मंत्रिमंडल विस्तार में नए मंत्रियों को शामिल करने, कुछ के विभाग बदलने और कुछ को पदोन्नत करने के मामले में विचार-विमर्श चल रहा है। इस बार मंत्रिमंडल विस्तार में शिवसेना के अनिल देसाई को जगह मिलना तय है। वहीं पीडीपी के प्रतिनिधित्व के सवाल पर फिलहाल बातचीत जारी है।
माना जा रहा है कि भावी विस्तार में कौशल विकास मंत्री राजीव प्रताप रूडी, रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी को तरक्की मिल सकती है। 9 अप्रैल को तीन देशों की यात्रा पर रवाना होने वाले प्रधानमंत्री 17 अप्रैल को स्वदेश लौटेंगे।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिमंडल विस्तार तय है मगर इसकी तिथि अभी निर्धारित नहीं की गई है। अगर इस सिलसिले में पीडीपी से अंतिम दौर की बातचीत हो गई तो पीएम विदेश जाने से पहले ही विस्तार को अंजाम दे सकते हैं।
पीडीपी से सुलह का इंतजार
फिलहाल पीडीपी में केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने के बारे में अंदरखाने मतभेद हैं। हालांकि जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने साफ तौर पर अपनी सांसद पुत्री महबूबा मुफ्ती के मोदी कैबिनेट में शामिल होने की संभावना से इनकार किया है।
मगर अंदरखाने पीडीपी को मनाने की मुहिम जारी है। शिवसेना मंत्रिमंडल में अपने लिए दो और सीट चाहती है, मगर उसे महज एक सीट ही दिए जाने का संदेश दिया जा चुका है।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि विस्तार में भाजपा के कम से कम दो नए चेहरों को जगह मिलेगी। इनमें एक नाम बिहार के अश्विनी कुमार चौबे का हो सकता है। जबकि दूसरा नाम उत्तराखंड से होगा, जिसका इस कैबिनेट में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है।
इसी महीने 75 साल की होने वाली अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री नजमा हेपतुल्ला की कैबिनेट से विदाई तय मानी जा रही है। कहा जा रहा है कि नई व्यवस्था की तरह इस मंत्रालय की कमान नकवी को बतौर स्वतंत्र प्रभार या कैबिनेट मंत्री सौंपी जा सकती है।