फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   modi cabinet expansion

पीएम मोदी ने चुनी अपनी टीम, 21 नए 'खिलाड़ी' शामिल

Sun, 09 Nov 2014 09:51 PM IST
Updated Sun, 09 Nov 2014 09:51 PM IST
विज्ञापन
modi cabinet expansion

पहले विस्तार के साथ ही मोदी सरकार अब और जवां हो गई है। रविवार को मोदी मंत्रिमंडल के पहले कैबिनेट विस्तार में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दरबार हॉल में 21 मंत्रियों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई।

विज्ञापन


इनमें 4 कैबिनेट, तीन स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और 14 राज्यमंत्री हैं। नए मंत्रियों के शामिल होने के साथ ही मोदी सरकार की औसत आयु 57 से घटकर 56 वर्ष हो गई है। शपथ लेने वालों में कैबिनेट मंत्री बीरेंद्र सिंह और राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बंडारू दत्तात्रेय के अलावा सभी मंत्री खासे युवा हैं।
विज्ञापन


उधर, महाराष्ट्र में चल रहे विवाद के चलते शिवसेना ने शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार किया। यही नहीं शिवसेना ने अपने सांसद अनिल देसाई को भी शपथ लेने से रोक दिया और उन्हें एयरपोर्ट से ही वापस मुंबई बुला लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


सत्ता संभालने के करीब साढ़े पांच महीने बाद हुए पहले विस्तार में मनोहर परिकर, सुरेश प्रभु, जगत प्रकाश नड्डा और चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। सुरेश प्रभु को भाजपा कोटे से शपथ दिलाई गई है।

सेना के सुरेश प्रभु ने भाजपा कोटे से ली शपथ

modi cabinet expansion

शपथ लेने से ठीक पहले ही उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली। जबकि बंडारू दत्तात्रेय, राजीव प्रताप रूडी के साथ डॉ महेश शर्मा को लंबी छलांग का प्रमोशन देते हुए स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई।

मुख्तार अब्बास नकवी, रामशंकर कठेरिया, विजय सांपला और साध्वी निरंजन ज्योति समेत 14 को राज्य मंत्री बनाया गया है। शपथ ग्रहण में सहयोगी दल के रूप में टीडीपी के एकमात्र वाईएस चौधरी ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। जबकि उत्तर प्रदेश की साध्वी निरंजन ज्योति एकमात्र महिला हैं।

मंत्रिमंडल विस्तार में प्रधानमंत्री ने 13 राज्यों को प्रतिनिधित्व दिया है। विस्तार में सबसे ज्यादा अहमियत उत्तर प्रदेश (4) और उसके बाद बिहार (3) को मिली है। इसके अलावा राजस्थान, पंजाब और महाराष्ट्र से दो-दो, गोवा, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पंजाब से एक-एक सांसद को इस विस्तार में प्रतिनिधित्व मिला है।

खास बात यह है कि विस्तार के बाद प्रधानमंत्री के अलावा 65 सदस्यीय केंद्रीय मंत्रिमंडल में जहां दो सांसदों वाले गोवा का मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व सौ फीसदी हो गया है। वहीं पांच सीट वाले उत्तराखंड की झोली फिर खाली रह गई है।

मंत्रीमंडल विस्तार का शिवसेना ने किया बहिष्कार

modi cabinet expansion

राज्यों के जातीय समीकरण का रखा ख्याल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पहले मंत्रिमंडल विस्तार में युवा, ईमानदार चेहरों को जगह देने के अलावा राज्यों के जातीय समीकरण का भी खासा ख्याल रखा है। उत्तर प्रदेश और बिहार के राजनीतिक महत्व को देखते हुए जहां विस्तार में इन दोनों राज्यों को सबसे ज्यादा अहमियत दी है, वहीं उत्तराखंड को विस्तार में भी प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है।

इन मंत्रियों ने ली शपथ
कैबिनेट मंत्री-मनोहर परिकर, सुरेश प्रभु, जेपी नड्डा और चौधरी बीरेंद्र सिंह
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)- बंडारू दत्तात्रेय, राजीव प्रताप रूडी और डॉ महेश शर्मा
राज्य मंत्री-मुख्तार अब्बास नकवी, राम कृपाल यादव, हरिभाई पार्थीभाई चौधरी, सांवर लाल जाट, मोहनभाई कुंदेरिया, गिरिराज सिंह, हंसराज गंगाराम अहीर, रामशंकर कठेरिया, वाई एस चौधरी, जयंत सिन्हा, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, बाबुल सुप्रियो, साध्वी निरंजन ज्योति और विजय सांपला

नकवी का कद घटा
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी का मोदी सरकार में कद घट गया है। 13 महीने तक चलने वाली वाजपेयी सरकार में वह स्वतंत्र प्रभार वाले केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री थे। जबकि इस बार उन्हें राज्य मंत्री बनाया गया है। माना जा रहा है कि नकवी को साबिर अली को भाजपा में शामिल करने पर की गई टिप्पणी का खामियाजा भुगतना पड़ा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed